Breaking
Thu. Apr 2nd, 2026

झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान और पेंशन की मांग, मझगांव में हुई अहम बैठक

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव में गुरुवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की विधानसभा स्तरीय बैठक आम बगीचा में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने भाग लिया। बैठक में झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों की वर्तमान स्थिति, उनके अधिकारों और लंबित मांगों पर गंभीर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों का योगदान अमूल्य रहा है, लेकिन आज वही लोग उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की स्थिति आम मजदूरों से भी बदतर हो गई है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान दिया जाए, उन्हें अलग पहचान मिले, उनके बच्चों को रोजगार की गारंटी दी जाए और जेल जाने की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। साथ ही सभी आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये की सम्मान पेंशन देने और 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने के लिए गजट अधिसूचना जारी करने की मांग भी उठाई।

विशिष्ट अतिथि और मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मो. बारीक ने कहा कि आंदोलनकारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जो सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी, वे उसी का समर्थन करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों की जायज मांगों पर बिना देरी के पहल की जाए।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे सोमनाथ चातर ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम के लोगों ने झारखंड आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन आज उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को उचित सम्मान और पेंशन देने की मांग दोहराई।

कार्यक्रम संयोजक मो. शाहिद अंसारी ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी राज्य की पहचान और गौरव हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं आंदोलनकारी परिवार से आते हैं, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों की समस्याओं को समझते हुए ठोस कदम उठाना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन मो. जारिफ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रविंद्र पोलाई ने किया। बैठक में अहमद हुसैन, मोहम्मद इस्माइल, समुचरण जराई, पानमति तिरिया, प्रमिला तिरिया, मो. तोफिक अंसारी, सुलेमान हेंब्रम, शब्बीर अहमद, जाकिर हुसैन, शकील अहमद, नंदकिशोर तिरिया, मोरंग सिंह जराई, पवित्र जराई, मोहम्मद इस्लामुद्दीन, सुरेंद्र पिंगुवा, सुवरनो हेंब्रम, सनातन पिंगुवा, प्रकाश पिंगुवा, नंदकिशोर पिंगुवा और निराकार पिंगुवा समेत कई आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में धनंजय पिंगुवा और अकील अंसारी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

Related Post