जमशेदपुर। शहर में रविवार की सुबह एक प्रेरणादायक पहल के साथ बच्चों की ऊर्जा और जागरूकता का अनोखा संगम देखने को मिला। प्रोजेक्ट मासूम के तहत आयोजित “मिनी माइल्स मैराथन” में लगभग 180 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के बीच बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें व्यक्तिगत तथा डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना था।
कार्यक्रम में टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सुरभि भटनागर भी उपस्थित रहीं। दोनों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए इस पहल की सराहना की और कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम को और भी प्रेरणा मिली।
मैराथन केवल एक खेल गतिविधि नहीं थी, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों को कई महत्वपूर्ण सुरक्षा संदेश भी दिए गए। आयोजन के दौरान इंटरएक्टिव सत्रों के जरिए बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपनी बात खुलकर कहने का महत्व समझाया गया और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। यह सत्र विशेष रूप से डिजिटल सुरक्षा विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के उपयोग के दौरान सतर्क रहने के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बच्चों को “मैजिक मंत्र – नो, गो, टेल” से परिचित कराना था। इस मंत्र के माध्यम से उन्हें सिखाया गया कि किसी भी असुरक्षित या असहज स्थिति में वे स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहें, वहां से तुरंत दूर हो जाएं और किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
इसके साथ ही बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी विस्तार से बताया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत मदद ले सकें। कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में यंग इंडियंस (वाईआई) जमशेदपुर के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई और पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मिनी माइल्स मैराथन ने खेल, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि बच्चों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना जरूरी है।

