चाईबासा: शहर के गुरुद्वारा नानक दरबार में शनिवार को नानकशाही संवत के अनुसार 558वां नववर्ष और पहले महीने चेत की संगरांद श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे से की गई, जिसमें बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर गुरुद्वारा के ग्रंथी हरभजन सिंह ने बारह माह का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने कीर्तन किया और चेत महीने का श्लोक तथा महीने का महत्व संगत को सुनाया। कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में बाबा जी ने समूची संग संगत की अच्छी सेहत, परिवार में सुख-शांति और सभी की चढ़दी कला के लिए अरदास की। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी श्रद्धा भाव से अरदास में भाग लिया।
इस मौके पर श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने सभी संगत को नानकशाही नववर्ष की बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नया साल सभी के लिए सुख, समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने कामना की कि साध संगत का यह महीना खुशियों और अच्छे स्वास्थ्य के साथ बीते।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले महीने 14 अप्रैल को वैसाखी का गुरुपर्व और त्योहार गुरुद्वारा नानक दरबार में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी जाएंगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच संगरांद का प्रसाद और अल्पाहार वितरित किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

