जमशेदपुर। कदमा स्थित मरीन ड्राइव में गुरुवार को आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का ऐतिहासिक संगम देखने को मिला, जब भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण हेतु शिलापट्ट का अनावरण कर विधिवत आधारशिला रखी। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित भूमि पूजन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी जीवन पद्धति और सामाजिक समरसता की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ की परंपरा लोककल्याण, सेवा और समावेशिता का संदेश देती है। ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह केंद्र न केवल धार्मिक गतिविधियों का स्थल होगा, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संवाद का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में संतोष कुमार गंगवार, हेमन्त सोरेन तथा धर्मेंद्र प्रधान की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन की शुरुआत “जय जगन्नाथ” के उद्घोष के साथ की और कहा कि कुछ संस्थाएं केवल भवन नहीं होतीं, वे मानव जीवन को दिशा और संस्कार देती हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समन्वय के इस भव्य केंद्र की स्थापना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट की सोच और उद्देश्य की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह केंद्र एक अभूतपूर्व स्वरूप में स्थापित होगा।
करीब 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस केंद्र की रूपरेखा ओडिशा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर पुरी की तर्ज पर तैयार की जाएगी। इसका संचालन श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।
समारोह में सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायक सरयू राय, विधायक श्रीमती पूर्णिमा साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी. वी. नरेंद्रन, ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एस. के. बेहरा, ट्रस्टी मनोरंजन दास एवं श्रीधर प्रधान समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आमजन कार्यक्रम के साक्षी बने।
पूरे कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक उल्लास और सांस्कृतिक गौरव का वातावरण बना रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से हुई इस आधारशिला स्थापना के साथ ही जमशेदपुर में एक ऐसे भव्य केंद्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, जो आने वाले समय में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा।

