मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष हिस्से और मेरठ मेट्रो परियोजना का विधिवत उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया। इसके साथ ही 82.15 किलोमीटर लंबा पूरा हाई-स्पीड कॉरिडोर आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 30,274 करोड़ रुपये की लागत आई है।
करीब 82.15 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में लगभग 70 किलोमीटर एलिवेटेड और 12 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक शामिल है। आधुनिक तकनीक और उच्च गति वाली ट्रेनों से लैस यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवागमन को और अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगी।
प्रधानमंत्री ने मेरठ के शताब्दी नगर स्टेशन से नमो भारत और मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एक अलग नमो भारत ट्रेन से मेरठ दक्षिण स्टेशन तक यात्रा पर गए। इस विशेष यात्रा में कुल 17 लोग शामिल रहे, जिनमें पांच स्कूली छात्र, चार एमबीबीएस छात्र, पांच सफाईकर्मी और दिल्ली के तीन युवा उद्यमी शामिल थे।
मेरठ दक्षिण स्टेशन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जनसभा स्थल मोहिउद्दीनपुर के लिए रवाना हुए, जहां एक जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री के साथ नमो भारत ट्रेन में यात्रा कर इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त किया।
नमो भारत और मेरठ मेट्रो परियोजना के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद दिल्ली और मेरठ के बीच आवागमन का समय कम होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

