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राजाबुरू खदान के विरोध में गुवा में उबाल, 11 गांवों के ग्रामीणों का सेल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन

गुवा । पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में प्रस्तावित राजाबुरू खदान को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। कासिया पेचा, जोजोगुटू, राजाबेड़ा, घाटकुड़ी, गंगदा, बाईहातु, तिंतलिघाट, लेम्बेरे, सोनापी, बाडुईया और छोटानागरा सहित 11 गांवों के करीब 300 मुंडा, मानकी, डाकुआ और ग्रामीण एकजुट होकर रैली निकालते हुए Steel Authority of India Limited (सेल) के जनरल ऑफिस पहुंचे और प्रदर्शन किया।

कासिया पेचा के समाजसेवी मंगता सुरीन की अगुवाई में ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ कैलाश नगर से निकले। “हमारी जमीन, हमारा अधिकार” और “500 रोजगार दो, नहीं तो खदान बंद करो” जैसे नारों से गुवा बाजार गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि खदान से प्रभावित गांवों के कम से कम 500 स्थानीय युवक-युवतियों को रोजगार दिया जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 1919-20 से संचालित खदान क्षेत्र से भारी मात्रा में लौह अयस्क निकलने के बावजूद आसपास के गांव आज भी बेरोजगारी, अशिक्षा और बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने 75 प्रतिशत स्थानीय बहाली और 40 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही पेसा कानून के पालन और ग्रामसभा की सहमति के बिना खदान संचालन नहीं करने की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, सूची सार्वजनिक करने और कथित दलाली की जांच की भी मांग की। चेतावनी दी गई कि एक सप्ताह में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो मुख्य सड़क और खदान क्षेत्र में चक्का जाम किया जाएगा।

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