जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में सोमवार का दिन प्रशासनिक कार्यक्रम के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी साक्षी बना, जब डिग्रियां हाथ में थामे कई युवा चौकीदार की वर्दी पहनने के लिए आगे आए। समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में जिले के 25 नवनियुक्त चौकीदारों को औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई। खास बात यह रही कि इनमें से अनेक चयनित अभ्यर्थी स्नातक हैं, जिन्होंने रोजगार के बदलते दौर में सम्मानजनक सेवा को प्राथमिकता दी।
कार्यक्रम के दौरान जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने नवनियुक्त चौकीदारों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज चौकीदारी केवल एक परंपरागत पद नहीं, बल्कि प्रशासन की नींव को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने इस अवसर को युवाओं के लिए नई सोच और नए अवसर का प्रतीक बताया। समारोह में सिटी एसपी कुमार शिवाशीष, अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, एसडीएम धालभूम सह स्थापना उप समाहर्ता चन्द्रजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि चौकीदार गांव और मोहल्लों में प्रशासन की पहली आंख और कान होते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर सूचनाओं के त्वरित संप्रेषण तक उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की और उम्मीद जताई कि पढ़े-लिखे युवा चौकीदार बनकर प्रशासन और आम जनता के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेंगे।
इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि बदलते समय में रोजगार की परिभाषा बदल रही है। डिग्रीधारी युवाओं का चौकीदार बनना न केवल उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सेवा और सम्मान पद से नहीं, कर्तव्य से जुड़ा होता है। पूर्वी सिंहभूम में यह नियुक्ति समारोह आने वाले समय में ग्रामीण प्रशासन को नई ऊर्जा और नई सोच देने वाला कदम माना जा रहा है।

