जमशेदपुर। कदमा थाना क्षेत्र से साइबर अपराध का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सोमवार को सामने आया है, जिसने डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। इस बार साइबर ठगों ने आम नागरिक को नहीं, बल्कि पुलिस विभाग में कार्यरत एक कर्मी को ही निशाना बनाया है। सिदगोड़ा थाना में पदस्थापित आरक्षी चालक मनीष कुमार दुबे के दो बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने कुल 1 लाख 5 हजार 900 रुपये की अवैध निकासी कर ली।
पीड़ित आरक्षी चालक मनीष कुमार दुबे के अनुसार ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उनके बैंक खातों में सेंध लगाई। उन्हें किसी तरह का कोई अलर्ट या संदेह तक नहीं हुआ और कुछ ही समय में खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई। जानकारी के मुताबिक, एक खाते से 90 हजार रुपये जबकि दूसरे खाते से 15 हजार 900 रुपये की निकासी कर ली गई। जब उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो अचानक इतनी बड़ी रकम गायब देख वे स्तब्ध रह गए।
ठगी का एहसास होते ही मनीष कुमार दुबे ने तत्काल संबंधित थाना और साइबर सेल को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ठगों ने किस माध्यम से बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की और किस तकनीक का इस्तेमाल कर रकम उड़ाई गई।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि फिशिंग कॉल, संदिग्ध लिंक या किसी फर्जी मोबाइल एप के जरिए साइबर ठगों ने खातों तक पहुंच बनाई हो। इस घटना ने पुलिस महकमे को भी सतर्क कर दिया है, क्योंकि अब साइबर अपराधी पुलिसकर्मियों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

