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गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर में “Skill Gap Analysis & Exploring Skill Demand of Local Industries” पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

जमशेदपुर, 20 फरवरी, 2025। “बदलते वक्त की जरूरतों के साथ हर क्षेत्र को बदलना पड़ता है। जो वक्त का लिहाज नहीं करता, वक्त उसका लिहाज नहीं करता।” माननीय मंत्री श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखण्ड सरकार, श्री संजय प्रसाद यादव ने उक्त बातें आज “Skill Gap Analysis & Exploring Skill Demand of Local Industries” कार्यशाला में अपने संबोधन के दौरान कहीं। न

 

माननीय विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में 20 फरवरी 2025, गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर में “Skill Gap Analysis & Exploring Skill Demand of Local Industries” पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। श्रमायुक्त झारखण्ड-सह-निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय, श्री संजीव कुमार बेसरा एवं मिशन निदेशक, झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी श्री शैलेन्द्र कुमार लाल विशेष रूप से कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।

 

एक-दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत माननीय मंत्री महोदय एवं विभागीय अधिकारियों के स्वागत के साथ हुआ। तत्पश्चात माननीय मंत्री महोदय एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा द्वीप प्रज्जवलन के साथ कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न उद्योगपतियों एवं उद्योग संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों एवं संस्थानों की कौशल संबंधित मांग से अवगत होना था, ताकि सरकार द्वारा संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की वर्तमान कमियों को खत्म कर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं रोजगार परक बनाया जा सके, साथ ही कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। कार्यशाला में कोल्हाण प्रमण्डल के सभी तीन जिलों में स्थापित एवं संचालित उद्योग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।

 

श्रमायुक्त झारखण्ड, श्री संजीव कुमार बेसरा ने कार्यशाला की शुरुआत में अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि मैं इस कार्यशाला में भाग लेने के लिए अपना कीमती वक्त देने के लिए आप सबका धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा, “यह मंच एक अवसर है जहां नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास क्षेत्र के सभी हितधारक अपनी बातें साझा कर सकते हैं। माननीय विभागीय मंत्री आज हम सबके बीच उपस्थित हैं। आप सभी अपने विचार एवं सुझाव माननीय मंत्री जी एवं विभाग के अधिकारियों के साथ साझा कर सकते हैं। चर्चा में आप सबकी सक्रिय भागीदारी के लिए आप सबके विचार एवं सुझाव आमंत्रित करता हूं।”

 

मिशन निदेशक, झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी, श्री शैलेन्द्र कुमार लाल ने अपने संबोधन में कहा, “इस कार्यशाला एवं परिचर्चा का उद्देश्य राज्य के युवाओं को विभाग की योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाने एवं राज्य के विकास के निमित फलदायी परिणामों के लिए हितधारकों के बीच साझेदारी को बेहतर करना है। माननीय विभागीय मंत्री के नेतृत्व विभाग का लक्ष्य अगले वर्ष तक 2 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने एवं ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।”

 

माननीय मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के बावजूद कुशल कार्यबल की कमी के कारण युवाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है। औद्योगिक संस्थानों की बदलती आवश्यकता एवं कार्यबल की कौशल क्षमता के बड़े अंतर को समय रहते खत्म किए जाने की जरूरत है। मैं अपने विभाग और सभी हितधारकों से कहना चाहूंगा कि आज की इस कार्यशाला में सामने आए विचारों को केवल चर्चा तक सीमित न रखें, बल्कि एक ठोस कार्ययोजना में बदलें। हम सभी मिलकर स्किल गैप को कम करने एवं एक आत्मनिर्भर, कुशल एवं प्रगतिशील राज्य के निमार्ण के प्रयास को गति देंगे।”

 

कार्यशाला में पूर्व विभागीय सचिव, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखण्ड सरकार, श्री मुकेश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने गत वर्ष के दौरान विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए अपने संबोधन में बताया कि श्रमायुक्त झारखण्ड के प्रयास से मजदूरी भत्ता को बेहतर किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय Al generation का है और कौशल के प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में टिके रहने के लिए समय की जरूरतो को पहचान कर उसके अनुसार प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई करने की जरूरत है। “बदलते समय के साथ चलने के लिए हमें अपनी सामाजिक कंडिशनिंग को बदलने की जरूरत है। हमारा देश युवाओं का देश है और युवा हमारे देश का भविष्य हैं, इसलिए भविष्य के कौशल को पहचान कर युवाओं को सही दिशा में हुनरमंद और कुशल बनाने का प्रयास करना होगा” श्री मुकेश कुमार ने कहा।

 

एक-दिवसीय कार्यशाला में श्रम सेवा के सभी पदाधिकारी, नियोजन सेवा के सभी पदाधिकारी, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एवं झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

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