रोपवे प्रबंधक की लापरवाही से हुई घटना: अजय
5 सदस्य टीम पहुंचे रोपवे हुई जांच
अगले वर्ष सावन में चलेगी रोपवे
जांच पूरा होने के पश्चात रोपवे को किया जाएगा दुरुस्त
त्रिकूट रोपवे की शुरुआत निकट भविष्य में संभव नहीं
5 सदस्यी जांच को पहुंची उच्च स्तरीय टीम
**कौशल किशोर जिला ब्यूरो ।देवघर**
त्रिकूट रोपवे हादसे के करीब 80 दिन बाद उच्च स्तरीय जांच टीम देवघर पहुंची। टीम त्रिकूट पर्वत की चोटी पर पैदल मार्च कर काफी मश्क्कत से पहुंची। मौके पर रोपवे प्रबंधक विनीत सिन्हा द्वारा पांच सदस्यी टीम को हादसे से जुड़े हर पहलुओं को बारीकी से समझने की कोशिश की। टीम ने अपनी जांच के दौरान रोप-वे संचालन के पूरे रूट को देखा। इसके अलावा रोपवे कर्मचारियों, रोप-वे संचालित करने वाले एजेंसी के प्रतिनिधि,स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। जाँच के घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
जाँच कमेटी ने यह समझने की कोशिश की कि रोप-वे पर हादसा किस कारण से हुई । भविष्य में कैसी दुरुस्त व्यवस्था की जाये कि रोप-वे का सुरक्षित संचालन किया जा सके। टीम में शामिल पदाधिकारी ने बताया कि जाँच के दौरान हर चीज़ को बारीकी से देखा गया है। टूटे पैनल, मेनुवल,चक्री, ट्रॉली मूवमेंट सिस्टम, लिमिट स्विच, गियर बॉक्स, तार से लेकर नीचे गिरे हुए केबिन सभी की जाँच की गयी है। साथ में मौजूद विशेषज्ञ टीम ने पूरी तरीके से जाँच की गई।
होगी मैटेरियल्स की जाँच: डीजीएमएस हैदराबाद
डीजीएमएस हैदराबाद के पदाधिकारी रत्नाकर सुनकी ने कहा कि हादसे की वजह को पूरी तरह से समझने के लिए रोपवे में लगा कुछ मेटेरियल्स के जाँच करने की आवश्यकता है। जांच के दौरान स्पष्ट होगा कि इतने दिनों से रोपवे का मेंटेनेंस नहीं हो पाया था । विशेषज्ञ टीम ने यह भी बताया कि प्रबंधक की लापरवाही ही घटना का मुख्य कारण है।
वहीं रोपवे को फिर से बहाल करने के लिए उच्च स्तरीय जांच के दौरान निकली खामियों को दूर करने की सहमति होने के बाद ही पुनः रोपवे को बहाल करने की तैयारी की जाएगी फिलहाल जांच के दायरे में रोपवे चल रहा है।
अभी जाँच की शुरुआत हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से इसपर कुछ कहा जा सकेगा।

पूरी सिस्टम पर सहमति होने के बाद ही शुरू हो सकेगा रोप वे:
उन्होंने बताया कि अन्य जगहों पर संचालित रोपवे के सिस्टम को समझ भविष्य में दुरुस्त व्यवस्था के साथ-साथ किसी भी तरह की अनहोनी से तुरंत निपटने की व्यवस्था भी करते हुए रोप-वे का सुरक्षित संचालन करने की कोशिश होगी।
जाँच कमेटी में कौन-कौन थे शामिल:
जांच कमेटी का नेतृत्व वित्त सचिव अजय कुमार सिंह कर रहे थे। इसमें पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल, पर्यटन निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, डायरेक्टर ऑफ माइंस एंड सेफ्टी रत्नाकर सुनकी एडवाइजर रोप-वे नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड एन.सी श्रीवास्तव शामिल हैं।
10 अप्रैल को हुआ था हादसा:

जानकारी हो कि 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन त्रिकूट रोपवे पर हादसा हुआ था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। करीब 44-50 घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। 46 लोगों को सेना के जवानों एनडीआरएफ के अलावे स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया था। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के लिए 19 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी को दो महीना में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। हादसे के करीब तीन माह होने को है । तब कमेटी जाँच के लिए मौके पर पहुंची।


