Breaking
Sat. Nov 7th, 2026

*बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में हो समाज की भाषा-संस्कृति के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान*

चाईबासा: बड़ाजामदा खदान क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासी समुदाय के बीच आदिवासी हो समाज युवा महासभा एवं नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत हो समाज की पारंपरिक भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक पहचान के प्रचार-प्रसार एवं विकास पर जोर दिया गया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिवासी हो समाज की पारंपरिक पहचान, मातृभाषा, सांस्कृतिक विरासत और मूल परंपराओं के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा नई पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ना है। इस दौरान सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी मातृभाषा, पारंपरिक रीति-रिवाज, पर्व-त्योहार एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज की भाषा और संस्कृति को बचाए रखने के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण एवं विकास का नेतृत्व करने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक समाज की परंपराएं सुरक्षित पहुंच सकें।

इस अवसर पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी, जगन्नाथपुर अनुमंडल उपाध्यक्ष पुतकर लागुरी, प्रभारी माधव चंद्र कोड़ा, रोया बोबोंगा, नुरी चातोम्बा, डिबा चातोम्बा, सुनील चातोम्बा, सुमी चाम्पिया, यशमती बोबोंगा, सोनाफूलो चातोम्बा, मोटु मुंडरी एवं किशोर बोबोंगा सहित अन्य मौजूद थे।

Related Post