जमशेदपुर। टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल भुगतान की सुविधा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की है। अस्पताल की मौजूदा डिजिटल भुगतान व्यवस्था के जरिए मरीज मोबाइल फोन से ही ओपीडी परामर्श, जांच, डायग्नोस्टिक सेवाओं और अस्पताल के बिल का भुगतान आसानी से कर सकते हैं। इससे उन्हें भुगतान काउंटर पर जाने और लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
टीएमएच प्रबंधन के अनुसार, कई मरीज अभी भी इस सुविधा से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग से सुरक्षित भुगतान किया जा सकता है। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज तत्काल संबंधित सेवा का लाभ ले सकते हैं।
ओपीडी में आने वाले मरीजों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उन्हें बिलिंग काउंटर की कतार में लगने से बचते हुए तेजी से चिकित्सकीय परामर्श और जांच की सुविधा मिल सकेगी। डॉक्टर द्वारा जांच लिखे जाने के बाद मरीज डिजिटल माध्यम से तत्काल भुगतान कर सकते हैं, जिससे उन्हें दोबारा बिलिंग काउंटर तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी डिजिटल भुगतान की सुविधा काफी उपयोगी है। वार्ड से ही अस्पताल का बिल जमा किया जा सकता है, जिससे डिस्चार्ज की प्रक्रिया आसान होगी और मरीजों को विभिन्न काउंटरों के चक्कर लगाने की परेशानी नहीं होगी।
टीएमएच प्रबंधन का कहना है कि डिजिटल भुगतान से समय की बचत के साथ काउंटरों पर भीड़ कम होगी और मरीजों को अधिक सुविधाजनक एवं सहज अस्पताल अनुभव मिलेगा। प्रत्येक डिजिटल लेनदेन के बाद भुगतान की तत्काल पुष्टि भी प्राप्त होती है।
टीएमएच ने मरीजों और उनके परिजनों से डिजिटल भुगतान सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि इलाज के लिए अस्पताल आने वाले लोगों को प्रशासनिक औपचारिकताओं में कम समय और स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। अस्पताल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से मरीजों की सुविधा बढ़ाते हुए तेज, सुरक्षित और कैशलेस स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है।

