जमशेदपुर। विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों में जिज्ञासा और रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में शुक्रवार को जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय छात्र भ्रमण का आयोजन किया गया। इसमें बर्मामाइंस स्थित BPM प्लस टू हाई स्कूल और सेंट मैरीज़ हिंदी हाई स्कूल के कक्षा आठवीं से 11वीं तक के 71 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खनिज, धातु, मिश्रधातु और सामग्री विज्ञान से जुड़े अनुसंधान तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठतम मुख्य वैज्ञानिक एवं एमटीई प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. एस. शिवप्रसाद के संबोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने, सवाल पूछने और नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान की समझ केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से उसे व्यवहारिक रूप से समझना भी जरूरी है।
इस अवसर पर वैज्ञानिक-जी एवं आईएमडीसी के अध्यक्ष डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक, अभियांत्रिकी और उद्योगों में धातुओं एवं मिश्रधातुओं की भूमिका समझाई। उन्होंने सामग्री विज्ञान में हो रहे नए प्रयोगों और भविष्य की तकनीकों के विकास में इसकी संभावनाओं की जानकारी भी दी।
वैज्ञानिक-ई एवं जिज्ञासा कार्यक्रम की सह-परियोजना प्रमुख डॉ. श्रीदा ने सीएसआईआर और देशभर में स्थित उसकी प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल में चल रहे विभिन्न अनुसंधान कार्यों के साथ विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एनएमएल की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने अनुसंधान की प्रक्रिया तथा विज्ञान एवं तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल को करीब से समझा। इसके बाद विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इस पहल को कक्षा से बाहर वैज्ञानिक ज्ञान हासिल करने का उपयोगी अवसर बताया।

