रांची। आदिवासी अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सरना धर्म से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहने वाली नेत्री निशा भगत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना के बाद रांची में सनसनी फैल गई। उनका शव पिठोरिया थाना क्षेत्र के डहुटोली स्थित आवास से मिलने की जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही पिठोरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
घटना से पहले निशा भगत के सोशल मीडिया पर लाइव आने की बात सामने आई है। इस लाइव वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। वीडियो में वह भावुक दिखाई दे रही हैं और अपने व्यक्तिगत संघर्ष, जमीन से जुड़े विवाद, प्रशासन के साथ कथित टकराव तथा आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करती नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने माता-पिता का भी उल्लेख किया और अपने संघर्ष को लेकर कई गंभीर बातें कहीं। हालांकि, वीडियो में कही गई बातों का वास्तविक संदर्भ क्या था और उसका उनकी मौत से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
निशा भगत लंबे समय से आदिवासी समाज की पहचान, सरना धर्म, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी आवाज उठाती रही थीं। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर उनके बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे हैं। अगस्त 2025 में आदिवासी समाज की पहचान और सरना झंडे से जुड़े मुद्दे पर उनकी सक्रियता सामने आई थी। दिसंबर 2025 में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग तथा धर्मांतरण के विरोध में हुए एक आंदोलन के दौरान उनके मुंडन करने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद 2026 में भी सरना और सनातन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर उनकी गतिविधियां और बयान चर्चा में रहे।
पहले भी धमकी मिलने की शिकायत की थी
निशा भगत की मौत के बाद उनके पुराने विवाद और शिकायतों की भी चर्चा शुरू हो गई है। जुलाई 2026 में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिलने तथा पांच लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगे जाने को लेकर साइबर थाना में शिकायत की थी। अब उनके वायरल लाइव वीडियो में जमीन विवाद और प्रशासन के साथ कथित संघर्ष का जिक्र होने के कारण पुलिस के लिए इन पुराने मामलों की भी जांच करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, केवल वायरल वीडियो, पुरानी शिकायत या किसी विवाद के आधार पर उनकी मौत के कारण के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस को घटनास्थल की परिस्थितियों, शव की स्थिति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों समेत अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी।
वायरल वीडियो की भी होगी जांच
पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण सवाल है कि लाइव वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, उसमें कही गई बातों की पूरी पृष्ठभूमि क्या थी और वीडियो के बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा। वीडियो के वास्तविक और संपादित हिस्सों की पुष्टि भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों तथा निशा भगत के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।
फिलहाल पुलिस ने मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निशा भगत की मौत किन परिस्थितियों में हुई। उनके वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी बाकी है। इसलिए मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच और रिपोर्ट का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।

