चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के मेघाहातुबुरु सेल लौह अयस्क खदान में दिवाली की छुट्टी को लेकर प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच विवाद गहरा गया है। छुट्टी के आदेश में बदलाव से नाराज सभी मजदूर यूनियनों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को दोपहर एक बजे से खदान में चक्का जाम कर दिया। इससे उत्पादन, माल ढुलाई और अन्य कामकाज ठप हो गया। श्रमिकों की मांग है कि 9 नवंबर की पूर्व घोषित दिवाली छुट्टी बहाल की जाए।
यूनियन नेताओं के अनुसार, स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत होली, विजयादशमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली पर विशेष फेस्टिवल हॉलिडे का प्रावधान है। वर्षों से प्रबंधन और यूनियनों की सहमति से छुट्टियों की तारीख तय होती रही है। इसी क्रम में 4 नवंबर को आदेश जारी कर 8 नवंबर की दिवाली छुट्टी को बदलकर 9 नवंबर किया गया था। लेकिन 5 नवंबर को नया आदेश जारी कर इसे निरस्त करते हुए 11 नवंबर को भाई दूज की छुट्टी घोषित कर दी गई।
यूनियनों ने इसे एकतरफा फैसला बताते हुए आंदोलन शुरू किया। आंदोलन में अफताब आलम, अमित झा, गुंजन कुमार, दीपक राम, इलियास चंपिया, इंतखाब आलम, संतोष पंडा, जगन्नाथ चातर, धनुर्जय लागुरी, अनिल टोपनो, धनीराम लकड़ा, राज नारायण शर्मा और कुलदीप सिंह समेत अन्य श्रमिक प्रतिनिधि शामिल रहे। फिलहाल खदान में कामकाज पूरी तरह बंद है।

