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*’बेबी फ्रेंडली’ उत्तर प्रदेश से हर साल बच सकती हैं एक लाख बच्चों की जान : डॉ. आर.एन. सिंह* **मातृ मृत्यु दर में कमी और 25 हजार करोड़ रुपये की सालाना बचत की संभावना, विकसित उत्तर प्रदेश के लिए स्वस्थ मां और सुरक्षित बचपन को बताया जरूरी**

**गोरखपुर।** उत्तर प्रदेश को शिशु और मातृ स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित एवं सशक्त बनाने की दिशा में ‘बेबी फ्रेंडली उत्तर प्रदेश’ की अवधारणा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस पहल से हर साल करीब एक लाख बच्चों की जान बचाने, मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने और लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक बचत करने की संभावना है। यह बात मिशन ‘सेव इन इंडिया’ के डॉ. आर.एन. सिंह ने कही।

शुक्रवार को जारी अपने संदेश में डॉ. सिंह ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब राज्य का हर बच्चा स्वस्थ हो और प्रत्येक मां को सुरक्षित मातृत्व का अधिकार मिले। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशुओं की समुचित देखभाल, बेहतर पोषण और समय पर टीकाकरण की व्यवस्था मजबूत करके हजारों परिवारों को असमय होने वाले दुख से बचाया जा सकता है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना भी जरूरी है।

डॉ. सिंह के अनुसार, स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे में किया गया निवेश भविष्य की मजबूत पीढ़ी तैयार करने का आधार है। बच्चों की बीमारियों और उपचार पर होने वाले खर्च में कमी तथा उनकी बेहतर शारीरिक और मानसिक क्षमता से परिवार और प्रदेश, दोनों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रतिवर्ष 25 हजार करोड़ रुपये की बचत की संभावना जताई।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। इसलिए यहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मानकों में सुधार की विशेष जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में भी नवजात और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर घटाने को प्राथमिकता दी गई है।

डॉ. सिंह ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लिए स्वस्थ बचपन और सुरक्षित मातृत्व को विकास की बुनियादी शर्त मानना होगा। हर मां को सुरक्षित प्रसव और हर बच्चे को जीवन की बेहतर शुरुआत मिले, यही ‘बेबी फ्रेंडली’ उत्तर प्रदेश की मूल भावना होनी चाहिए।

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