चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी के जगन्नाथपुर मंडल अध्यक्ष बामिया लागुरी ने कांग्रेस के दिल्ली चलो अभियान और पेसा कानून को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झारखंड की गठबंधन सरकार में शामिल है। ऐसे में सरकार की कमियों को गिनाने से पहले कांग्रेस को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करनी चाहिए।
बामिया लागुरी ने कहा कि पेसा कानून के तहत आदिवासी ग्रामीणों को अधिकार देने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीन पर इसके क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल हैं। ग्रामसभा के अधिकार, परंपरागत सामाजिक व्यवस्था और रीति-रिवाजों को मान्यता देने के साथ बालू घाट, पत्थर, लघु खनिज और मिट्टी के उपयोग एवं बिक्री में ग्रामसभा की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। इन संसाधनों से मिलने वाले राजस्व में ग्रामीणों की हिस्सेदारी तथा वन उपज के संग्रह और बिक्री के अधिकार पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड में पलायन रोकने के लिए ठोस योजना की जरूरत है। रोजगार के अभाव में युवा दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षा व्यवस्था और बंद स्कूलों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, दवाइयां और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। गांवों में पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने झारखंड पुनरुत्थान संगठन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन को अपनी भूमिका और उद्देश्य स्पष्ट करना चाहिए, ताकि जनता को उसके कार्यों की जानकारी मिल सके।
बामिया लागुरी ने कहा कि कांग्रेस को दिल्ली चलो अभियान से पहले झारखंड की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से भी पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।

