जमशेदपुर। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचकर कांग्रेस जिला कार्यालय पर हुई पथराव की घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर मारपीट, लाठीबाजी और पत्थरबाजी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाली पार्टी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में भरोसा करती है।
जमशेदपुर आगमन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सबसे पहले सिदगोड़ा स्थित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व महामंत्री मनोज उपाध्याय के आवास पहुंचे। पथराव की घटना में गंभीर रूप से घायल मनोज उपाध्याय से मुलाकात कर उन्होंने उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद वह बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस नेताओं, जिला पदाधिकारियों और विभिन्न मंच-मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बाद में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने जिला कांग्रेस कार्यालय पर हुए हमले को लेकर भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए और ऐसी घटनाओं को राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ बताया।
प्रदेश अध्यक्ष ने संगठनात्मक बदलाव की जानकारी देते हुए कहा कि जमशेदपुर में कांग्रेस के दो अलग-अलग अध्यक्ष होंगे। इनमें एक महानगर कांग्रेस अध्यक्ष और दूसरे ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष होंगे। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही दोनों पदों पर नियुक्ति की घोषणा की जाएगी। इस फैसले को जमशेदपुर में पार्टी संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है। उनका आरोप था कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के इशारे पर काम कर रहे थे। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
इस मौके पर झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस जिला कार्यालय में पहुंचकर पथराव किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की। बन्ना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली पार्टी है और राजनीतिक विरोध का जवाब हिंसा से देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर दल को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यालय पर हमला करना और पथराव करना निंदनीय है।
प्रदेश अध्यक्ष के दौरे और प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जिला कार्यालय पर हुई घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। पार्टी नेताओं ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

