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*जंगली हाथियों से फसल नुकसान, ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन को सौंपा ज्ञापन*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी वन क्षेत्र में जंगली हाथियों के लगातार आवागमन और फसलों को हो रहे नुकसान से ग्रामीण परेशान हैं। इस समस्या को लेकर गुरुवार को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में बुड़ा कमान गांव में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में जंगली हाथियों से फसल और जान-माल की सुरक्षा, बिजली कनेक्शन के नाम पर पैसे मांगने तथा नेटवर्क की समस्या पर चर्चा की गई। इन समस्याओं को लेकर वन प्रमंडल पदाधिकारी और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

मानसिंह तिरिया ने कहा कि पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। हाथियों के हमले से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जान-माल पर भी खतरा बना हुआ है। नोवामुंडी वन क्षेत्र में लगातार हाथियों का आवागमन जारी है। बुड़ा कमान गांव में पिछले एक महीने से जंगली हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण रातभर पहरेदारी कर अपनी फसल और मकानों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग की ओर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।

उन्होंने मांग की कि हाथियों से प्रभावित गांवों में तत्काल टॉर्च, पटाखे और मशाल जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण अपनी सुरक्षा कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि जंगली हाथियों की समस्या पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।

बैठक में ग्रामीणों ने नए बिजली कनेक्शन देने वाली एजेंसी पर कनेक्शन के नाम पर उपभोक्ताओं से पैसे मांगने का आरोप भी लगाया। इसके अलावा गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या उठाई गई। नेटवर्क नहीं रहने से खाद्य वितरण प्रणाली, स्कूलों के संचालन और आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने देर रात गांव में प्रवेश करने वाले अनजान लोगों से पूछताछ करने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने का निर्णय भी लिया।

जंगली हाथियों से प्रभावित अन्य गांवों में कुन्दीरीझोर, तेन्तोडीपोसी, सोसोपी, कुदाहातु, ढकवा जंगल, सिंगाबेड़ा, केदुवा, जुगीन्दा, डाऊवेड़ा और ईचाबुरू शामिल हैं।

बैठक में पंचायत समिति सदस्य नीति तिरिया, विक्रम तिरिया, साधु तिरिया, भूषण तिरिया, तुरी दिग्गी, दसमती तिरिया, राजनितिरिया, अनीता पूर्ति, सुशीला तिरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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