जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय के सामने सोमवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है। पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दूबे ने घटना की निंदा करते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जेएनयू प्रकरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर कथित तौर पर मारपीट और पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
दिल्ली में कांग्रेस और गठबंधन के आंदोलन में शामिल परविंदर सिंह ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत के लिए मौजूद महिला कांग्रेस सदस्यों से अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस की ओर से गुलाब के फूल, मिठाई, पानी, चाय और बिस्कुट की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जवाब में कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और पत्थरबाजी की गई। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का हवाला देते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया।
आनंद बिहारी दूबे ने भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान लाठी चलाने और पत्थर फेंकने से कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए। उन्होंने वरिष्ठ कार्यकर्ता मनोज उपाध्याय के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी देते हुए घटना से जुड़े वीडियो में दिख रही गतिविधियों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष, विधायक के पीए अथवा करीबी लोगों और विधायक की कथित भूमिका की भी जांच की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश साहू ने भी घटना की निंदा करते हुए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा, घायलों को चिकित्सा सहायता और तिलक पुस्तकालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से वीडियो सुरक्षित रखने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और बिना राजनीतिक दबाव के कार्रवाई करने की अपील की। साथ ही बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत की गई है।

