*पिछले एक माह से जलभराव और गंदगी, जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी*
जमशेदपुर।साकची गुरुद्वारा बस्ती के ‘ए’ जोन स्थित भगत सिंह गली बस्ती की गली में ड्रेनेज होल इतनी बुरी तरह से जाम हो गया है कि बह रहे दूषित गंदे पानी के कारण वहां के स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
बुधवार को स्थानीय भगत सिंह गली निवासीयों ने प्रभावित गली में बैठक कर व्यवस्था पर असंतोष जाहिर करते हुए साफ सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने पर उग्र आंदोलन की बात कही है। स्थानीय बस्ती निवासीयों का कहना है कि एक नहीं तीन-तीन ड्रेनेज होल पिछले एक महीने से यूं ही बह रहे हैं। इससे इलाके के लोग व बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, वहीं कोई जिम्मेदार सुनने वाला नहीं है। स्थानीय हरविंदर सिंह और जगतार सिंह ने कहा कि जब हम जेएनएसी के पास जाते हैं तो वो जुस्को की जिम्मेदारी बता बात टाल देते हैं वहीं जब हम जुस्को के पास जाते हैं तो वो बोलते हैं कि यह मामला जेएनएसी का है। गंदगी का यह आलम है कि यहां कभी भी कोई भी बीमार ही रहता है। स्वच्छता अभियान पर यह बहुत बड़ा धब्बा है।
न्यू कालीमाटी रोड पर काशीडीह मोड़ के नजदीक होटल नील कमल के ठीक बगल में रहने वालों के लिए यहां रहना किसी सजा के समान है। सीवरेज का गंदा पानी बहने से लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है वहीं कोई सुनने वाला नहीं है। वहीं सरबजीत सिंह टॉबी ने कहा कि स्थानीय निवासी लंबे समय से संबंधित विभागों और प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कई बार जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति व जुस्को के अधिकारियों से की गई परंतु दोनों महकमे एक दूसरे का क्षेत्र बताकर पल्ला झाड़ते रहे। अभी हाल ही दिनों में यहां पर डेंगू से लोग ग्रसित हुए है व बच्चे आए दिन बीमार रहते हैं। बस्ती में गंदगी का ढेर भी हर दिन बढ़ता जा रहा है। कोई सुनने वाला नहीं है। न तो सड़कें बनी और ही नालियां। बरसात के दिनों में मोहल्ले के लगभग हर घर में सीवरेज का गंदा पानी भर जाता है। पानी निकासी के लिए नाली नहीं रहने के कारण घरों में भी पानी घुस जाता है। ऐसे में बीमारी की आशंका बनी रहती है। गंदे पानी से इतनी तेज बदबू रही है कि लोग घरों में भी नहीं रह सकते हैं। गंदगी और बदबू से लोगों को जीना मुहाल हो गया है। इससे पहले भी कई बार मौखिक रूप से इसकी शिकायत जिला प्रशासन को की गई है। बावजूद यहां पर निर्माण नहीं हो पाया है। बता दें कि इलाक में 25 से ज्यादा लोग घर बनाकर रह रहे हैं। वहीं गंदगी की वजह से गाड़ी चलाने में भी दिक्कत आती है। सुशील बंसल ने कहा- हमने काशीडीह के जुस्को ऑफिस में भी मुलाकात कर समाधान की बात कही। लेकिन अभी तक इसके समाधान को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है। बैठक में मुख्यरूप से जगतार सिंह, अमृतपाल सिंह, सुशील बंसल, शिवम, जसबीर सिंह, सरबजीत सिंह टॉबी, हरजीत सिंह, गुरपाल सिंह पिंटू, बनमाली, अमरीक सिंह बिट्टू, हरविंदर सिंह, हरपाल सिंह, शरणप्रीत सिंह, रेशम सिंह, रंजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जगप्रीत सिंह, जगजीत सिंह, विनय अरोड़ा सोनू शामिल हुए।
स्थानीय निवासियों ने सरकार, जिला प्रशासन और नगर निकाय के संबंधित अधिकारियों से तत्काल स्थल निरीक्षण कराकर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जलनिकासी, सफाई और सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों और क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
*साकची गुरुद्वारा बस्ती में ड्रेनेज व्यवस्था बदहाल, बीमारी फैलने का खतरा, नरकीय जीवन जीने को मजबूर स्थानीय लोग*

