जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) और जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक एवं मिर्गी रोगियों के लिए एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। करीब छह माह के अंतराल के बाद दोबारा आयोजित शिविर को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में काफी राहत और उत्साह देखा गया।
शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार गिरी और नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. स्मिता हेंब्रम ने मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जांच के बाद मरीजों को एक माह की निःशुल्क दवा भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में कुल 33 मरीजों को दवा दी गई, जिनमें एक नया मरीज भी शामिल था।
चिकित्सकों ने मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए आत्महत्या की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद या व्यवहार में असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते मनोरोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से मानसिक रोगों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सकता है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. सुकांत सीट ने कहा कि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह मानसिक बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। शुरुआत में ही उपचार मिलने से बीमारी को नियंत्रित करना आसान होता है, जबकि लापरवाही आगे चलकर गंभीर परिणाम दे सकती है।
शिविर में तजीन कुल्लू, पवन कुमार, डालसा के पीएलवी चयन कुमार मंडल, छाकु माझी, ललिता पुरान, राजेश माहली, मीरा मंडल, ज्योत्सना गोप, कुरुमीता मुर्मू, सबिता सोरेन और मकरो कर्मकार समेत अन्य लोग उपस्थित थे। आयोजकों के अनुसार अगला चिकित्सा शिविर 17 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।

