चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। जिला कार्यालय इकाई, पलाश (जेएसएलपीएस), पश्चिमी सिंहभूम में सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर और मटकोबेड़ा आजीविका संकुल संगठन सह नोटबुक निर्माण इकाई, खूंटपानी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद मटकोबेड़ा की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही नोटबुक को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा।
मटकोबेड़ा आजीविका संकुल संगठन की महिलाएं पिछले कई वर्षों से गुणवत्तापूर्ण नोटबुक का निर्माण कर रही हैं। अब सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के माध्यम से इन नोटबुक को राज्यभर के 4000 से अधिक ई-स्टोर पर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के साथ उनकी आय और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान चाईबासा सदर, मंझारी और झींकपानी प्रखंड में संकुल स्तर पर सीएससी के माध्यम से बेहतर सेवा देने वाली तीन महिलाओं को सम्मानित किया गया। वहीं, हाल ही में सीएससी पहचान प्राप्त करने वाली 31 नई महिलाओं को सीएससी संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल सेवाओं के संचालन में सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम में उपायुक्त के स्तर से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट ‘बदलाव’ के विभिन्न संकेतकों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में मटकोबेड़ा नोटबुक निर्माण इकाई की महिलाएं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रबंधक-एसएमएंडआईबी, मानव संसाधन, उद्यम संवर्धन, वित्तीय समावेशन सहित जिला के अन्य कर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन जिला प्रबंधक-एसएमएंडआईबी द्वारा महिलाओं के प्रयासों की सराहना और सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय हुनर को स्थानीय रोजगार से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।

