जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को अब छोटी-बड़ी जनसमस्याओं की शिकायत लेकर जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं होगी। जिला प्रशासन ने जनता और प्रशासन के बीच दूरी कम करने तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट सेवा ‘अबुआ मित्र’ शुरू की। समाहरणालय में उपायुक्त राजीव रंजन ने इस सेवा का शुभारंभ किया। मौके पर डीडीसी नागेंद्र पासवान, एडीसी अनुराग तिवारी और एसडीओ अरनिश मिश्रा समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
‘अबुआ मित्र’ के जरिए नागरिक 24 घंटे अपने मोबाइल फोन से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए 8580090001 नंबर को मोबाइल में सेव करना होगा अथवा प्रशासन की ओर से जारी क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इसके बाद व्हाट्सएप पर ‘Hi’ या ‘जोहार’ लिखकर भेजने पर चैटबॉट की सेवा शुरू हो जाएगी। यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। चैटबॉट पर नागरिकों को नई शिकायत दर्ज करने और पहले से दर्ज शिकायत की स्थिति जानने का विकल्प मिलेगा।
शिकायत दर्ज करते समय आवेदक को अपना नाम, शहरी या ग्रामीण क्षेत्र, संबंधित नगर निकाय अथवा प्रखंड, वार्ड नंबर और पूरा पता जैसी आवश्यक जानकारी देनी होगी। समस्या से संबंधित दस्तावेज, फोटो या अन्य साक्ष्य भी व्हाट्सएप के माध्यम से अपलोड किए जा सकेंगे। इससे शिकायत के साथ जरूरी प्रमाण उपलब्ध होने के कारण संबंधित विभाग को मामले की जांच और कार्रवाई में भी सुविधा होगी।
शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एक शिकायत संख्या प्रदान की जाएगी। इसके बाद शिकायत का विवरण जन सहायता जेएसआर पोर्टल पर अपलोड होकर संबंधित विभाग या कार्यालय को कार्रवाई के लिए आवंटित किया जाएगा। शिकायतकर्ता को आवेदन की प्रगति की जानकारी प्रत्येक चरण में एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से मिलती रहेगी। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके निस्तारण तक ऑनलाइन अनुश्रवण को मजबूत करना है।
‘अबुआ मित्र’ की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही कार्रवाई को बंद माना जाएगा। यानी विभागीय स्तर पर कार्रवाई पूरी होने के बाद भी शिकायतकर्ता को अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलेगा। इससे शिकायतों के केवल कागजी निस्तारण के बजाय वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सामान्य प्रकृति की शिकायतों का यथासंभव शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। वहीं म्यूटेशन जैसे कानूनी समय-सीमा से जुड़े मामलों का निपटारा निर्धारित नियम और समय-सीमा के अनुसार होगा। यदि कोई शिकायत 15 दिन से अधिक समय तक लंबित रहती है, तो सिस्टम उसे स्वतः फ्लैग करेगा। इससे लंबित मामलों की पहचान कर उन पर उच्च स्तर से निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रशासन की ओर से जनता दरबार से पहले प्रत्येक सप्ताह लंबित शिकायतों की ऑनलाइन समीक्षा करने की भी व्यवस्था की गई है। इससे जनता दरबार में आने वाली शिकायतों के साथ-साथ पहले से दर्ज मामलों की प्रगति पर भी नियमित नजर रखी जा सकेगी। फर्जी या तथ्यहीन शिकायतों की पहचान के लिए जन सहायता कोषांग की टीम उपलब्ध कराए गए दस्तावेज और साक्ष्यों की जांच करेगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, ‘अबुआ मित्र’ विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होगा, जिन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए सुदूर क्षेत्रों से जिला मुख्यालय तक आने में समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज होने से जनता को घर बैठे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का सुविधाजनक माध्यम मिलेगा। भविष्य में इस चैटबॉट को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बनाने की भी योजना है। इसके बाद नागरिक अपनी समस्या टाइप करने के बजाय बोलकर भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस डिजिटल पहल से जनशिकायतों के पंजीकरण, विभागीय आवंटन, अनुश्रवण और समाधान की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

