चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम ग्रामीण संवेदक संघ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से प्रस्तावित निर्माण एवं विकास योजनाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर मंगलवार को उपायुक्त मनीष कुमार को पत्र सौंपा है। संघ अध्यक्ष सुनील सिरका ने मांग की है कि जिन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, उनका 31 अगस्त 2026 से प्रभावी संशोधित अनुसूचित दर के आधार पर पुनः प्राक्कलन कराया जाए। इसके बाद ही संबंधित योजनाओं की निविदा जारी की जाए।
संघ के अनुसार झारखंड सरकार के तकनीकी परीक्षक कोषांग, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अंतर्गत राज्य स्तरीय अनुसूचित दर निर्धारण समिति की बैठक 31 अगस्त को हुई थी। बैठक में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधित अनुसूचित दर को मंजूरी दी गई और उसी तारीख से पूरे झारखंड में सभी विभागों में इसे लागू करने का निर्णय लिया गया।
संघ अध्यक्ष सुनील सिरका का कहना है कि निर्माण सामग्री, मजदूरी और परिवहन समेत विभिन्न मदों में लागत बढ़ी है। ऐसे में यदि नई दर लागू होने के बाद भी पुरानी दर पर डीएमएफटी योजनाओं की निविदा निकाली जाती है तो कार्य पूरा करने के दौरान संवेदकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी पड़ने की आशंका है।
संघ ने प्रशासन से आग्रह किया है कि लंबित डीएमएफटी योजनाओं की समीक्षा कर नई दर के अनुरूप पुनः प्राक्कलन कराया जाए। संघ का कहना है कि इससे निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में विभाग तथा संवेदकों के बीच आर्थिक या तकनीकी विवाद की संभावना भी कम होगी। पत्र की प्रतिलिपि संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को भी भेजी गई है।

