जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति ने आगामी शारदीय दुर्गोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष विभिन्न समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं का मुद्दा उठाया है। समिति के अध्यक्ष सह पूर्व भू-राजस्व मंत्री दुलाल भुइयां के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब से मुलाकात कर विस्तृत मांग-पत्र सौंपा।
समिति ने पूजा शुरू होने से पहले सार्वजनिक दुर्गा पूजा समितियों को लाइसेंस उपलब्ध कराने, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए चलंत शौचालय, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा और यातायात की व्यवस्था करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कई पंडालों तक पहुंचने वाले रास्ते जर्जर हो गए हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। पूजा से पहले इन सड़कों की मरम्मत जरूरी है।
समिति ने बड़े पूजा पंडालों तक आपात स्थिति में एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक ग्रीन कॉरिडोर बनाने तथा प्रमुख पंडालों में पुरुष और महिला पुलिस बल की तैनाती की मांग की। पूजा के दौरान अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों, रैश ड्राइविंग, छेड़खानी और तेज ध्वनि प्रदूषण पर विशेष निगरानी रखने के साथ रात में पुलिस गश्त बढ़ाने का भी आग्रह किया गया।
विसर्जन व्यवस्था को लेकर समिति ने शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के घाटों पर भी पर्याप्त रोशनी, गोताखोर, क्रेन, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। जादूगोड़ा, नरवा पहाड़, मऊभंडार और घाटशिला के विसर्जन घाटों की मरम्मत तथा वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यूसीआईएल, एचसीएल और अन्य कंपनियों को समय रहते निर्देश देने की मांग की गई। समिति ने बढ़ती प्रतिमाओं की संख्या को देखते हुए नए विसर्जन घाट विकसित करने और पुराने घाटों की सफाई व मरम्मत कराने की जरूरत भी बताई।
प्रतिनिधिमंडल ने करनडीह रेलवे फाटक के पास जलजमाव, परसुडीह से गोलपहाड़ी तक मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति और पाइपलाइन लीकेज, मखदूमपुर रेलवे फाटक पर जाम, सालगाझड़ी अंडरपास में प्रकाश और सुरक्षा तथा टाटानगर रेलवे स्टेशन के सामने जर्जर सड़क की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया। टेल्को-गोविंदपुर मार्ग पर अन्ना चौक से डीवीसी मोड़ तक सड़क और डिवाइडर की मरम्मत तथा रात्रि में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की मांग की गई।
समिति ने पंचमी से नवमी तक पूजा पंडालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, झूलते तारों को दुरुस्त करने और जरूरतमंद सार्वजनिक पूजा पंडालों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मूर्ति विसर्जन जुलूस के रास्ते में पेड़ों की छंटाई और बिजली तारों की जांच समय रहते कराने की मांग भी की गई। सप्तमी से दशमी तक शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती का अनुरोध किया गया।
समिति ने बर्मामाइंस के पुराने सार्वजनिक दुर्गा पूजा मैदान का मामला भी प्रशासन के समक्ष रखा। समिति के अनुसार, इस मैदान में करीब 80 वर्षों से पूजा और मेला आयोजित होता रहा है। मैदान के समतलीकरण के बाद वर्तमान स्थिति में पूजा और मेला आयोजन में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पूर्ववत आयोजन की अनुमति देने का आग्रह किया गया।
इसके अलावा मानगो को साकची से जोड़ने वाले फ्लाईओवर के शारदीय दुर्गा पूजा से पहले यथासंभव शुभारंभ की मांग की गई। विसर्जन में इस्तेमाल होने वाले छोटे-बड़े वाहनों के फिटनेस की विशेष जांच कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि खराब वाहन के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। समिति ने जिले के प्रमुख कॉरपोरेट घरानों के सहयोग से पूजा के दौरान नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि दुर्गोत्सव को सफल और शांतिपूर्ण बनाने में समिति जिला प्रशासन के साथ हर स्तर पर सहयोग करती रहेगी।

