चाईबासा: 13 सितंबर से 19 सितंबर तक खिरवाल बैंक्विट हॉल में आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत रविवार को कलश शोभायात्रा के साथ हुई। कथा का आयोजन बागड़ोदिया परिवार की ओर से किया जा रहा है। कथा वाचन उत्तराखंड निवासी संत रामभद्राचार्य कर रहे हैं।
कलश शोभायात्रा सुबह करीब 9 बजे ठाकुरवादी श्री श्याम मंदिर से शुरू हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में चल रही थीं। श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ शोभायात्रा खिरवाल बैंक्विट हॉल पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कथा कार्यक्रम की तैयारी पूरी की गई।
इसके बाद रविवार को दोपहर 3 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथावाचक संत रामभद्राचार्य ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके विभिन्न रूपों से जुड़ी अनेक बातें भागवत कथा में मिलती हैं। कथा के माध्यम से जीवन की समस्याओं का समाधान और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन के मूल्यों और कर्तव्यों को समझने का अवसर भी देती है। श्रद्धालुओं से कथा को ध्यानपूर्वक सुनने और उसमें बताए गए संदेशों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की गई।
आयोजकों ने बताया कि 13 से 19 सितंबर तक प्रतिदिन कथा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु कथा का श्रवण कर सकेंगे। कथा को लेकर आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्था की गई है। पहले दिन कलश शोभायात्रा में महिलाओं और भक्तों की अच्छी भागीदारी रही।

