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Sun. Sep 13th, 2026

*‘हो’ भाषा शिक्षकों की बहाली और मौजा पहचान साइन बोर्ड की मांग पर उपायुक्त ने दिया सकारात्मक आश्वासन*

चाईबासा: ‘हो’ भाषा और वारङ्ग क्षिति (Warang Chiti) लिपि के संरक्षण, संवर्द्धन और सार्वजनिक उपयोग को बढ़ावा देने को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा, मानकी-मुंडा संघ और पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को दोबारा ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में रखी गई मांगों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए नई मांगों को भी सामने रखा।

ज्ञापन में क्षेत्र की जरूरत के अनुसार डीएमएफटी मद से ‘हो’ भाषा शिक्षकों की जल्द नियुक्ति और बहाली की मांग प्रमुखता से रखी गई। इस पर उपायुक्त ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि डीएमएफटी मद से ‘हो’ भाषा शिक्षकों की बहाली को लेकर जल्द पहल की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक गांव और मौजा में ‘हो’ भाषा एवं वारङ्ग क्षिति लिपि में मौजा पहचान साइन बोर्ड लगाने की मांग भी रखी। प्रस्तावित साइन बोर्ड में मौजा का नाम, मुंडा का नाम तथा पीड़ एवं इलाका मानकी का नाम अंकित करने की बात कही गई। उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायत निधि यानी मुखिया फंड से पहल की जाएगी। उन्होंने इस मामले में उप विकास आयुक्त को भी अवगत कराकर आवश्यक कार्रवाई की दिशा में पहल करने की बात कही।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इसी दिन चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम को पूर्व में दिए गए ज्ञापन का स्मरण कराने के बाद उपायुक्त से मुलाकात की गई और मांगों को लेकर पुनः ज्ञापन सौंपा गया। उपायुक्त के सकारात्मक आश्वासन पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रसन्नता जताई। साथ ही आगामी ओत् गुरु कोल लाको बोदरा जयंती कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उपायुक्त को आमंत्रण पत्र भी सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी हो समाज महासभा गोईलकेरा प्रखंड अध्यक्ष पातोर जोंको, मनोहरपुर प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार चाम्पिया, सोनुवा प्रखंड सचिव करम सिंह बन्डरा, गोईलकेरा जिप सदस्य ज्योति मेराल, सोनुवा जिप सदस्य सुहगी मुर्मू, गोईलकेरा मुखिया सुनिता मेराल, अधिवक्ता महेन्द्र जामुदा, मुंडा महेन्द्र बांकिरा, मोटाय सिद्धू, रमेश बोदरा, विकास अंगरिया, प्रतापसिंह हेम्ब्रोम, मानमोहन बोदरा और गणेश जोंको सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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