मेदिनीनगर। पलामू टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल के संरक्षण को देखते हुए छिपादोहर से हेहेगड़ा के बीच रेलवे लाइन का अलाइनमेंट बदलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र से होकर गुजरने वाली तीनों रेलवे लाइनों को अब दूसरे मार्ग से ले जाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के परिवेश पोर्टल पर प्रस्ताव भेज दिया गया है।
दरअसल, वर्ष 2019 में रेलवे की तीसरी लाइन बिछाने का प्रस्ताव सामने आया था। तीसरी लाइन के लिए टाइगर रिजर्व के भीतर रेल लाइन बिछाने की योजना पर वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद पलामू टाइगर रिजर्व और रेल विकास निगम लिमिटेड के बीच हुए समझौते के आधार पर तीनों लाइनों का मार्ग ही बदलने की योजना तैयार की गई।
नई व्यवस्था के तहत छिपादोहर और हेहेगड़ा रेलवे स्टेशन को बंद नहीं किया जाएगा। दोनों स्टेशनों के वर्तमान स्थान से करीब 500 मीटर की दूरी पर नए और आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इससे यात्रियों को रेल सुविधा मिलती रहेगी और क्षेत्र में ट्रेनों का परिचालन भी जारी रहेगा।
पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जेना के अनुसार, नई रेलवे लाइन का अलाइनमेंट सरकार और रेलवे की गाइडलाइन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ क्षेत्र के विकास और रेल कनेक्टिविटी को भी प्राथमिकता दी गई है।
रेलवे लाइन को रिजर्व क्षेत्र से बाहर या कम संवेदनशील मार्ग की ओर स्थानांतरित किए जाने से जंगल में रेल परिचालन का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे वन्यजीवों के आवागमन और उनके प्राकृतिक आवास पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं, छिपादोहर और हेहेगड़ा क्षेत्र के लोगों की रेल सुविधा भी बरकरार रहेगी।

