चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा की ओर से साठ दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत चक्रधरपुर प्रखंड की सिलफोड़ी पंचायत में डोर-टू-डोर भ्रमण कर ग्रामीणों को निशुल्क विधिक सहायता और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाईबासा मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान के दौरान ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया गया। साथ ही ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया, जो किसी कारणवश आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को नालसा की एसिड अटैक पीड़ितों के लिए बनाई गई योजना, पीड़ित मुआवजा योजना और पीड़ितों के पुनर्वास से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। जघन्य अपराध के पीड़ितों को मिलने वाले न्याय, मुआवजा और पुनर्वास की सुविधाओं के बारे में भी बताया गया।
इस दौरान NALSA की नशा पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन योजना, 2015 के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। अधिकार मित्रों ने बताया कि नशा पीड़ितों को अपराधी के बजाय पीड़ित मानते हुए उन्हें आवश्यक विधिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराना योजना का प्रमुख उद्देश्य है। सचिव रवि चौधरी ने कहा कि नशा हमारे विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
डोर-टू-डोर भ्रमण के दौरान कुल 12 परिवारों को चिन्हित किया गया। इन परिवारों को चिकित्सा संबंधी प्रमाण पत्र, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आवास योजना से संबंधित सहायता की आवश्यकता है। इसके अलावा कुछ परिवारों के राशन कार्ड में लाभुकों के नाम नहीं जुड़ पाए हैं।
इस अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम-3 से जुड़ी अधिकार मित्र श्वेता रवानी, रीना प्रधान और राहुल प्रधान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेकर उन्हें विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।

