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*साकची गुरुद्वारा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रथम प्रकाश पर्व पर विशेष कीर्तन दरबार 13 सितंबर को*

*तख्त श्री दरबार साहिब के करमजीत सिंह ‘शाहबाद मारकंडा’ गुरबाणी कीर्तन से करेंगे संगत को निहाल*
जमशेदपुर।जुगो जुग अटल साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के 422वें प्रथम प्रकाश पर्व की पावन स्मृति में गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची की ओर से आगामी 13 सितंबर, रविवार को विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। समागम में श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहब भाई करमजीत सिंह जी “शाहबाद मारकंडा” संगत को निहाल करने विशेष तौर पर जमशेदपुर पहुंच रहे हैं। रविवार को समागम की सूचना प्रेषित करने वाला पोस्टर भी जारी किया गया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के तत्वाधान में सिख स्त्री सत्संग सभा, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था और सिख नौजवान सभा, साकची के सहयोग से आयोजित होने वाले कीर्तन दरबार कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह ने रविवार को बताया कि समागम को लेकर कमिटी की बैठक पहले ही कर ली गयी थी। उन्होंने बताया समागम के तहत रविवार को कीर्तन दरबार की शुरुआत सुबह 10 बजे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के भोग के साथ होगी। इसके बाद विभिन्न समयावधियों में गुरु घर के रागी एवं कथावाचक संगत को गुरबाणी, शबद-कीर्तन और गुरमति विचारों से जोड़ेंगे।
महासचिव परमजीत सिंह काले ने बताया कि समागम में श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहब भाई करमजीत सिंह “शाहबाद मारकंडा” विशेष तौर पर जमशेदपुर पहुंच रहे हैं। इनके अलावा धर्म प्रचार कमिटी, अमृतसर के प्रचारक भाई जगदेव सिंह ‘तारागढ़’ की भी विशेष उपस्थिति रहेगी। जमशेदपुर के युवा कीर्तनीये भाई गुरदीप सिंह ‘निक्कू’ और हजूरी रागी गुरुद्वारा साहिब साकची भाई नारायण सिंह भी अपनी मधुर वाणी से संगत को निहाल करेंगे।
गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई अमृतपाल सिंह मन्नण और जत्थेदार ज्ञानी जरनैल सिंह कथावाचक के रूप में संगत को सिख इतिहास से अवगत कराएंगे। सरबत के भले की अरदास के उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरतेगा। लंगर की सेवा में वरतावे की सेवा इस बार स्त्री सत्संग सभा और सुखमणि साहिब जत्था की बीबियाँ नौजवान सभा के सहयोग से संभालेंगी।
सरदार निशान सिंह ने संगत से अपील की है कि परिवार सहित गुरु घर पहुंचकर विशेष कीर्तन दरबार में शामिल हों, गुरु साहिब के चरणों में माथा टेकें और गुरबाणी के अमृतमयी संदेश का लाभ प्राप्त करें।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के महासचिव सरदार परमजीत सिंह काले ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रागी एवं कथावाचकों द्वारा शबद-कीर्तन एवं गुरमति विचार प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों की संगत से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु की खुशियां प्राप्त करने की अपील की।
साकची गुरुद्वारा में प्रधान निशान सिंह और महासचिव परमजीत सिंह काले ने अन्य सदस्यों ट्रस्टी सतनाम सिंह सिद्धू, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह, अकाली दल के प्रधान ज्ञानी रविन्द्र सिंह, टुइलाडुगरी के पूर्व प्रधान जसबीर सिंह पदरी समेत सतपाल सिंह राजू, हरविंदर सिंह, मनोहर सिंह मिट्टे, बलदेव सिंह बब्बू, सतबीर सिंह गोल्डू एवं अमरपाल सिंह (सीनियर एवं जूनियर) ने पोस्टर जारी किया।
गौरतलब है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश, वर्ष 1604 में श्री हरिमंदिर साहिब, अमृतसर में हुआ था और इस ऐतिहासिक दिवस की स्मृति में विश्वभर की सिख संगत श्रद्धा एवं उल्लास के साथ प्रकाश पर्व मनाती है।

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