जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया है। मंगलवार रात आठ बजे तक स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 123.82 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से 2.32 मीटर ऊपर है। वहीं खरकई नदी का जलस्तर 135.45 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 129 मीटर से 6.45 मीटर अधिक है।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शहर के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान स्थिति वर्ष 2008 में आई बाढ़ के स्तर के करीब पहुंच गई है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सरयू राय ने उपायुक्त राजीव रंजन से बातचीत कर प्रशासन, मानगो नगर निगम, जेएनएसी और टाटा यूआईएसएल को पूरी तरह सक्रिय रखने का आग्रह किया। उपायुक्त ने उन्हें बताया कि प्रशासन दोपहर तीन बजे से ही अलर्ट मोड में है और लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ को देखते हुए सामुदायिक भवनों और स्कूलों में राहत शिविर तैयार किए गए हैं। यहां प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
विधायक ने बताया कि जदयू के कार्यकर्ता और नेता कदमा, सोनारी तथा मानगो के निचले इलाकों में प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री जुटाने में लगे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रशासन, जेएनएसी और मानगो नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने को कहा है।
सरयू राय ने कुँअर बस्ती, श्याम नगर समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय निकायों की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने की बात कही। साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर और जंपर की जांच कराने तथा जरूरत पड़ने पर बिजली आपूर्ति बंद करने से पहले वैकल्पिक प्रकाश की व्यवस्था करने का सुझाव दिया, ताकि राहत और बचाव कार्य के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
इधर, बढ़ते जलस्तर का असर शहर के निचले इलाकों में दिखने लगा है। बागबेड़ा के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर गया है। मानगो से कपाली को जोड़ने वाले दो पुल भी पानी में डूब गए हैं। इनमें जाबिर पुल भी शामिल है। पुलों के डूबने से कपाली का जमशेदपुर से संपर्क प्रभावित हुआ है और आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बागबेड़ा नया बस्ती में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। भारी बारिश के बीच स्लुईस गेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नदी का पानी नाले के रास्ते तेजी से बस्ती में घुस गया। इससे सैकड़ों घर प्रभावित हुए हैं और कई मकानों में पानी भर गया है।
पानी लगातार बढ़ने से बस्ती के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों को घर और सामान बचाने के साथ सुरक्षित स्थान पर जाने की चिंता सता रही है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।
जिला प्रशासन के अनुसार मौसम को देखते हुए नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है। ऐसे में प्रशासनिक एवं राहत दलों को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

