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चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा सेल खदान में मृत कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग को लेकर चल रहा चक्का जाम सोमवार शाम वार्ता के बाद समाप्त हो गया। दिन में स्थगित हुई सुलह वार्ता शाम चार बजे दोबारा शुरू हुई, जिसमें सेल प्रबंधन और विभिन्न श्रमिक यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच अनुकंपा नियुक्ति तथा फैमिली बेनिफिट स्कीम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
वार्ता के दौरान सेल प्रबंधन ने बताया कि अधिकारियों की सर्वोच्च संस्था एसईएफआई ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया है और सेल प्रबंधन के साथ इस विषय पर बातचीत चल रही है। एसईएफआई के महासचिव संजय आर्या भी वार्ता में शामिल हुए, हालांकि नेटवर्क संबंधी समस्या के कारण वे अधिक देर तक चर्चा में शामिल नहीं रह सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने मृत कर्मचारी की पत्नी से भी मुलाकात की है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि मृत कर्मचारी की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति और फैमिली बेनिफिट स्कीम में से किसी एक विकल्प का चयन करने का अवसर दिया जाए। प्रबंधन ने इस मांग पर तत्काल पात्रता को लेकर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की, लेकिन कहा कि मृत कर्मचारी की पत्नी अपनी इच्छा के अनुसार संबंधित लाभ के लिए आवेदन या अभ्यावेदन दे सकती हैं। आवेदन मिलने के बाद सक्षम प्राधिकारी लागू नियमों और योजना के प्रावधानों के अनुसार मामले की जांच कर निर्णय लेगा।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति और फैमिली बेनिफिट स्कीम का लाभ एक साथ नहीं लिया जा सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि लागू योजना के तहत किसी आवेदन को स्वीकार नहीं किए जाने मात्र से पात्र पारिवारिक सदस्यों का फैमिली बेनिफिट स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ पर विचार का अधिकार समाप्त नहीं होगा।
वार्ता के दौरान प्रबंधन ने यूनियन से जारी हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। इस पर यूनियन प्रतिनिधियों ने सहमति जताई और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही गुवा सेल खदान में जारी चक्का जाम समाप्त हो गया और खदान में कामकाज सामान्य होने का रास्ता साफ हो गया।
वार्ता में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के रामा पांडे, सारंडा मजदूर यूनियन के निर्मलजीत सिंह, झारखंड मजदूर मोर्चा के पंचम जॉर्ज सोय, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के विश्वजीत कांति, सीटू के राकेश कुमार और इंटक के तुफान घोष शामिल रहे। सेल प्रबंधन की ओर से गुवा माइंस के मुख्य महाप्रबंधक सीबी कुमार और महाप्रबंधक (प्रशासन) अर्नब डे मौजूद थे।

