Breaking
Mon. Aug 17th, 2026

दूसरे राज्यों में पलायन करने वाले मजदूरों का पंचायत स्तर पर हो अनिवार्य निबंधन : दुखनी सोरेन

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाकों से रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने सोमवार को जिला श्रम अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम से मुलाकात की। उन्होंने पंचायत स्तर पर बाहर जाने वाले प्रत्येक मजदूर का अनिवार्य रूप से निबंधन कराने की व्यवस्था लागू करने की मांग की।

दुखनी सोरेन ने कहा कि डुमरिया, पोटका, चाकुलिया, बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी और धालभूमगढ़ जैसे प्रखंडों से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं। इन मजदूरों का स्थानीय स्तर पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना के बाद उनके परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में परेशानी होती है।

उन्होंने सुझाव दिया कि निबंधन के दौरान मजदूर का नाम, पता, पंचायत, प्रखंड और मोबाइल नंबर के साथ परिवार के सदस्यों का विवरण भी दर्ज किया जाए। इसके अलावा वह किस राज्य और स्थान पर रोजगार के लिए जा रहा है, किस नियोक्ता या ठेकेदार के अधीन काम करेगा, इसकी जानकारी भी रिकॉर्ड में रखी जाए।

दुखनी सोरेन ने कहा कि निबंधन की व्यवस्था होने से प्रशासन को पलायन करने वाले मजदूरों की वास्तविक संख्या और उनके कार्यस्थल की जानकारी मिल सकेगी। किसी मजदूर के साथ दुर्घटना, मजदूरी भुगतान में विवाद, इलाज में लापरवाही या शोषण की घटना होने पर प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर सकेगा। दूसरे राज्य में किसी गंभीर घटना की स्थिति में मजदूर की पहचान करने और उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाने में भी यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साबित होगा।

उन्होंने कहा कि मजदूरों का दूसरे राज्यों में जाना कई बार उनकी मजबूरी होती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और व्यवस्था की जिम्मेदारी है। पंचायत स्तर पर निबंधन होने से मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के साथ उन्हें सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ दिलाने में भी आसानी होगी।

दुखनी सोरेन ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराया जाए तो मजदूरों को मजबूरी में दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने मजदूर निबंधन की व्यवस्था को उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

Related Post