चाईबासा: पूर्व मंत्री एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने रविवार को अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में बढ़ते मलेरिया के मामलों, पेयजल संकट और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा, चिड़िया, बड़ा जामदा और नोवामुंडी क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और ग्रामीणों में मलेरिया सहित अन्य बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम का सारंडा क्षेत्र वर्षों से मलेरिया प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सेल प्रबंधन और राज्य सरकार समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाते हैं। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह पहले आनंदपुर में दो बच्चों की मौत हुई और इस सप्ताह नोवामुंडी में भी दो बच्चों की जान चली गई। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग मलेरिया से जुड़े वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता और अधिकांश मामलों को मौसमी बुखार या वायरल संक्रमण बताकर टाल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। ग्रामीण लाल और गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
प्रेस वार्ता में बड़कुंवर गागराई ने सेल तथा अन्य खनन कंपनियों से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी और सीएसआर मद की राशि का लाभ प्रभावित ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है। उनके अनुसार, जिन गांवों के लोग इन योजनाओं के वास्तविक हकदार हैं, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग सीमित संख्या में मच्छरदानी वितरित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि सारंडा के अंदर रहने वाले सभी जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने सदर अस्पताल चाईबासा के ब्लड बैंक का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान उपायुक्त के प्रयास से 18 वर्ष बाद ब्लड बैंक को लाइसेंस तो मिल गया, लेकिन आज भी वहां पर्याप्त तकनीशियन उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण रक्त की जांच और उपलब्धता के लिए लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा कई मामलों में जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि यदि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सेल प्रबंधन, अन्य खनन कंपनियां और राज्य सरकार इन समस्याओं पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाती हैं तो भारतीय जनता पार्टी जनहित में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पार्टी हमेशा आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।

