जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के पूर्वी सिंहभूम जिला प्रभारी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) को बंद किए जाने की खबर पर गहरी चिंता जताते हुए टाटा स्टील से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक फुटबॉल क्लब का मामला नहीं है, बल्कि जमशेदपुर की खेल संस्कृति, युवाओं के भविष्य और शहर की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
दिनेश कुमार ने कहा कि जमशेदपुर लंबे समय से देश की खेल राजधानी के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है। टाटा स्टील ने उद्योग के साथ-साथ खेलों के विकास में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है और अनेक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में यदि जेएफसी का संचालन बंद होता है, तो इससे हजारों युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर फुटबॉल क्लब ने शहर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का मंच उपलब्ध कराया है। क्लब ने युवाओं में फुटबॉल के प्रति नई सोच और उत्साह पैदा किया है। यदि क्लब के संचालन में किसी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय कठिनाई है, तो उसका समाधान आपसी संवाद और सकारात्मक पहल से निकाला जा सकता है। क्लब को बंद करना किसी भी दृष्टि से उचित कदम नहीं होगा।
भाजपा नेता ने टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक से आग्रह किया कि वे इस फैसले की गंभीरता को समझते हुए इस पर पुनर्विचार करें और ऐसा समाधान तलाशें, जिससे जमशेदपुर की खेल विरासत सुरक्षित रहे तथा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की भावनाओं का सम्मान हो।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की पहचान केवल एक औद्योगिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि खेल नगरी के रूप में भी पूरे देश में स्थापित है। इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टाटा स्टील खेल और खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसा निर्णय लेगी, जिससे शहर की खेल संस्कृति और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।

