सरायकेला-खरसावां: सिंहभूम (कोल्हान) के प्रमंडलीय आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम ने बुधवार को सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्था, जनसेवा, अभिलेख संधारण तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज स्वागियारी, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जैवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कार्यालयीन कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव और जनसेवा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों और उनके निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक को सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आम लोगों के साथ सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार करने तथा किसी भी वैध कार्य या योजना के लाभ में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया। साथ ही प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने और कार्यालयीन कार्यों में जवाबदेही, पारदर्शिता एवं दक्षता बनाए रखने पर जोर दिया।
रविरंजन कुमार विक्रम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जन शिकायतों, ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदनों तथा जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से प्राप्त परिवादों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रकरणवार अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय भाषा और स्थानीय माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर बल दिया।
बैठक में आगामी 5 अगस्त 2026 को SIR-2026 के तहत प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने, अभिलेखों और आंकड़ों का सूक्ष्म सत्यापन करने तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति अपनाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

