चाईबासा: आगामी 22 सितंबर से शुरू होने वाली पश्चिमी सिंहभूम टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता की तैयारियां तेज हो गई हैं। चाईबासा स्थित बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम में प्रतियोगिता को लेकर मैदान के मुख्य विकेट पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस नई घास से तैयार होने वाला विकेट तेज गेंदबाजों के लिए अधिक मददगार साबित होने की उम्मीद है।
पश्चिमी सिंहभूम जिला क्रिकेट संघ के अनुरोध पर झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम के तीनों मुख्य विकेटों पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगाने का पूरा खर्च वहन किया है। घास लगाने का कार्य झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के पिच क्यूरेटरों की देखरेख में स्थानीय मजदूरों के सहयोग से लगभग तीन दिनों में पूरा किया गया। घास को सड़क मार्ग से कोलकाता से चाईबासा लाया गया।
पश्चिमी सिंहभूम जिला क्रिकेट संघ के महासचिव असीम कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने अपने घरेलू मैदानों पर बारमूडा सेलेक्शन वन घास लगाने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य ऐसे विकेट तैयार करना है, जिनसे तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता मिल सके।
उन्होंने बताया कि भारत के अधिकांश घरेलू विकेट बल्लेबाजों के अनुकूल माने जाते हैं। ऐसे में तेज गेंदबाजों को मदद देने वाले विकेटों पर भारतीय बल्लेबाजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। चाईबासा के बिरसा मुंडा क्रिकेट स्टेडियम का विकेट भी अब तक बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहा है। पिछले सत्र में इसी मैदान पर एक दिन में लगभग 700 रन बने थे।
असीम कुमार सिंह ने बताया कि नई घास के बेहतर विकास के लिए अगले एक महीने तक विकेट पर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे घास पूरी तरह तैयार हो सकेगी और विकेट की गुणवत्ता बेहतर होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिमी सिंहभूम टी-20 प्रतियोगिता शुरू होने से पहले तीनों मुख्य विकेट पूरी तरह तैयार हो जाएंगे और इस बार प्रतियोगिता में तेज गेंदबाजों को बेहतर सहायता मिलेगी, जिससे मुकाबले और अधिक रोमांचक होने की संभावना है।

