जमशेदपुर। शहर में बढ़ती नशाखोरी, चापड़बाजी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सामाजिक जागरूकता का माहौल तैयार करने के उद्देश्य से गीता थिएटर (ग्रेट इंडियन थिएटर एसोसिएशन) ने जिला प्रशासन से सहयोग की मांग की है। संस्था ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र सौंपकर पूरे शहर में नियमित नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता अभियान चलाने की अनुमति तथा प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
गीता थिएटर के सचिव एवं पूर्वी सिंहभूम नागरिक सुरक्षा के सदस्य प्रेम कुमार दीक्षित ने अपने पत्र में कहा है कि संस्था पिछले कई वर्षों से कला और रंगमंच के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जमशेदपुर के कई मोहल्लों और बस्तियों में ब्राउन शुगर, शराब समेत अन्य नशीले पदार्थों का सेवन, असामाजिक गतिविधियां, चापड़बाजी तथा आपसी रंजिश में होने वाली हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
पत्र में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है, लेकिन समाज में स्थायी बदलाव लाने के लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के तहत गीता थिएटर शहरभर में “मोहल्ला नुक्कड़ नाटक जन-जागरूकता अभियान” शुरू करना चाहता है। संस्था का संकल्प है कि प्रत्येक रविवार किसी न किसी मोहल्ले में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को नशे और अपराध के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा तथा जनसंवाद के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश दिया जाएगा।
संस्था ने जिला प्रशासन से अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक अनुमति, आर्थिक अनुदान, परिवहन सुविधा, अभ्यास स्थल उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस का सहयोग प्रदान करने की मांग की है। साथ ही गीता थिएटर का नाम जिले के सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की सूची में शामिल करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि जिला प्रशासन के विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों, बैठकों और अभियानों में संस्था अपनी नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावी भूमिका निभा सके।
प्रेम कुमार दीक्षित ने विश्वास जताया कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से कला और रंगमंच को जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बनाकर जमशेदपुर को नशामुक्त, अपराधमुक्त और अधिक सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा सकती है।

