नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट शर्मिला धनकर ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए महिला शॉटपुट एफ-57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता ने न केवल ग्लासगो खेलों में भारत की पदक तालिका में दूसरा स्वर्ण जोड़ा, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में भारत को पहला स्वर्ण पदक भी दिलाया।
शर्मिला धनकर ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय पैरा खेलों के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और अदम्य आत्मविश्वास का परिणाम इस ऐतिहासिक जीत के रूप में सामने आया है।
पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद शर्मिला ने कभी अपनी शारीरिक चुनौती को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी सफलता आज लाखों दिव्यांग खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
देशभर में शर्मिला की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी की लहर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि शर्मिला भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का गौरव बढ़ाती रहेंगी।
शर्मिला धनकर की यह स्वर्णिम जीत केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साहस, संघर्ष, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प की ऐसी मिसाल है, जिसने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया है। उनकी सफलता भारतीय पैरा खेलों के इतिहास में हमेशा एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद की जाएगी।

