चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र के कुंदरुगुटू गांव में चार दिनों से लापता एक युवक का शव रविवार सुबह महाली तालाब से मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय लक्ष्मण बिरुआ के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही मंझारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से कर रही है।
परिजनों ने घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और कथित अवैध संबंधों को वजह बताया है। मृतक के छोटे भाई राकेश बिरुआ का आरोप है कि लक्ष्मण ने कुछ दिन पहले अपनी पत्नी और अपने चाचा गंगाराम बिरुआ को कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस घटना के बाद गांव में विवाद को सुलझाने के लिए ग्रामसभा भी बुलाई गई थी, लेकिन पंचायत के बावजूद तनाव समाप्त नहीं हुआ। परिजनों के अनुसार, ग्रामसभा के अगले ही दिन लक्ष्मण अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला और चार दिन बाद उसका शव तालाब में मिला।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि शव के गले और शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनका आरोप है कि लक्ष्मण की हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें। लगातार बारिश के कारण पानी बढ़ने से शव सतह पर आ गया और घटना का खुलासा हुआ।
घटना के बाद मृतक की पत्नी और आरोपी बताए जा रहे चाचा गंगाराम बिरुआ गांव छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर गंगाराम बिरुआ के एक करीबी शारदा बिरुआ को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
मंझारी थाना प्रभारी दिलीप मांझी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार करते हुए कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

