जमशेदपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जमशेदपुर महानगर की संगठनात्मक एवं रणनीतिक बैठक रविवार को साकची स्थित भाजपा महानगर कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष नितीश कुशवाहा ने की, जबकि भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में 21 जुलाई को जमशेदपुर में प्रस्तावित मशाल जुलूस तथा 22 जुलाई को रांची स्थित जेपीएससी कार्यालय के घेराव कार्यक्रम को व्यापक और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए संगठन के विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां तय की गईं। जिला, मंडल और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए। साथ ही युवाओं और छात्रों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनसंपर्क अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया, ताकि दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि भाजपा हमेशा युवाओं के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और राज्य के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेपीएससी परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाने का कार्य करेगा।
भाजयुमो महानगर अध्यक्ष नितीश कुशवाहा ने कहा कि संगठन पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर लगातार संघर्षरत है। उनके अनुसार 21 जुलाई का मशाल जुलूस युवाओं की आवाज और न्याय की मांग का प्रतीक बनेगा, जबकि 22 जुलाई को रांची में प्रस्तावित जेपीएससी कार्यालय घेराव राज्य के अभ्यर्थियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम होगा। उन्होंने युवाओं, छात्रों और कार्यकर्ताओं से दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में प्रदेश पदाधिकारी प्रदीप मुखर्जी, अमिताभ सेनापति, चंदन चौबे, शैलेश गुप्ता, श्वेता कुमारी, चिंटू सिंह, कृष्णकांत राय, विकास सिंह, राजा कुमार, सुधीर तिवारी, शुभम राज, पवन सिंह, विकास यादव, गोविंदा यादव, राजेश यादव, सूरज अग्रवाल सहित भाजयुमो के प्रदेश, जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र मौजूद रहे। बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने तथा आगामी दोनों कार्यक्रमों को अनुशासित और सफल बनाने का संकल्प लिया।

