जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बालिकुडिया में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद घायल छात्रों के अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला परिषद अध्यक्ष से शिकायत कर दोषी छात्रों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विद्यालय प्रशासन पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार की देर रात करीब 12 बजे कुछ सीनियर छात्र हॉस्टल में पहुंचे और कई जूनियर छात्रों को जबरन कमरे से बाहर बुलाया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई, कपड़े उतरवाए गए, जूते साफ करवाए गए, पैर दबवाए गए तथा अन्य अपमानजनक कार्य करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि मारपीट के दौरान एक छात्र के कान पर जोरदार प्रहार किया गया, जिससे उसके कान से खून निकलने लगा और सुनने में भी परेशानी होने लगी। एक अन्य छात्र की नाक पर लात और घूंसों से हमला किया गया। कई अन्य छात्रों के चेहरे और शरीर पर भी गंभीर चोटें आई हैं।
मारपीट में घायल बताए गए छात्रों में विकाश राणा, पूर्णचंद्र गराई, गोविंद कुमार महतो, सूरज कुम्भकार और इंद्रदेव महतो शामिल हैं। घटना के बाद सभी छात्रों के परिजन विद्यालय पहुंचे और प्राचार्य से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। अभिभावकों का कहना है कि प्राचार्य ने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक आरोपित छात्रों के विरुद्ध कोई ठोस अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया गया है। बताया गया कि जिन छात्रों पर आरोप लगे हैं, उनके अभिभावकों को भी विद्यालय बुलाया गया है, लेकिन वे अब तक नहीं पहुंचे हैं।
पीड़ित छात्रों ने बताया कि विद्यालय में पिछले करीब तीन वर्षों से इस तरह की घटनाएं होती रही हैं। सीनियर छात्र जूनियरों को लगातार प्रताड़ित करते हैं और धमकी देते हैं कि यदि उन्होंने किसी शिक्षक, प्राचार्य या अपने अभिभावकों को इसकी जानकारी दी तो उनके साथ और भी अधिक मारपीट की जाएगी। इसी भय के कारण अधिकांश छात्र लंबे समय तक चुप रहते थे।
इधर, पीड़ित छात्र सूरज कुम्भकार के पिता पदमलोचन कुम्भकार, निवासी ग्राम गोपालपुर, पोस्ट बांगुरदा, थाना कमलपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम ने उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि उनका पुत्र कक्षा नौवीं का छात्र है और सीनियर छात्रों की मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना के कारण वह इतना भयभीत हो गया है कि पढ़ाई छोड़कर घर आने को मजबूर हो गया। उसके गाल और चेहरे पर गहरी चोट के निशान हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जूनियर छात्रों के साथ लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है तथा उन्हें धमकी दी जाती है कि यदि किसी को इसकी जानकारी दी तो परिणाम और भी गंभीर होंगे। अभिभावक का आरोप है कि जब छात्रों ने घटना की जानकारी हाउस मास्टर को दी तो उन्होंने स्वयं जिम्मेदारी लेने के बजाय प्राचार्य से संपर्क करने की सलाह दी।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि देश में सर्वोच्च न्यायालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार रैगिंग पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। ऐसे में विद्यालय परिसर में लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इससे छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले में बारा मुर्मू, अध्यक्ष, जिला परिषद ने भी संबंधित अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी छात्रों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा विद्यालय में जूनियर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि जिला परिषद अध्यक्ष तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम को भी भेजी गई है।
घटना के बाद अभिभावकों ने विद्यालय में रैगिंग की रोकथाम के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने, दोषी छात्रों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा पीड़ित छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।

