जमशेदपुर। संभावित हवाई हमले, बड़े हादसे और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को जमशेदपुर में व्यापक एयर रेड, ब्लैकआउट एवं मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। भारत सरकार के गृह मंत्रालय तथा झारखंड के नागरिक सुरक्षा आयुक्त रमेश गोलप (भा.प्र.से.) के निर्देश पर आयोजित यह अभ्यास बिष्टुपुर स्थित महारानी मेंशन और सर्किट हाउस परिसर में संपन्न हुआ। मॉक ड्रिल का संचालन उपायुक्त सह नियंत्रक सिविल डिफेंस राजीव रंजन (भा.प्र.से.) और अनुमंडल पदाधिकारी सह उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा अर्णव मिश्रा (भा.प्र.से.) के मार्गदर्शन में किया गया।
अभ्यास के दौरान काल्पनिक हवाई हमले की स्थिति तैयार की गई। सायरन बजते ही सिविल डिफेंस, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस सेवा, गृह रक्षवाहिनी, एनसीसी और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। राहत एवं बचाव दल ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। साथ ही आग लगने, ब्लैकआउट और भीड़ प्रबंधन जैसी परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का भी परीक्षण किया गया।
पूरे अभ्यास के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर संचालन की निगरानी की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने बताया कि ऐसे मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा या आपात स्थिति में जनहानि को न्यूनतम करना, राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में समय-समय पर इस तरह के अभ्यास आयोजित किए जाएंगे, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सकें तथा आम नागरिकों में भी आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

