जमशेदपुर: वर्षा ऋतु के दौरान होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से बचाव को लेकर मंगलवार को टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम ने इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र तथा मल्टी डिसिप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमडीडीटीआई) में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण में रेलवे के प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों को वज्रपात, सर्पदंश, अग्नि सुरक्षा तथा प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन और लघु फिल्म के माध्यम से वज्रपात के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिजली गिरने की स्थिति में पक्के भवन में शरण लेना सबसे सुरक्षित होता है। यदि कोई व्यक्ति ट्रेन, बस या कार में यात्रा कर रहा हो तो वाहन की खिड़कियां बंद रखनी चाहिए। खुले मैदान में फंसने पर सिर को दोनों हाथों के बीच रखकर उकड़ू मुद्रा में बैठने की सलाह दी गई। साथ ही ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और टावरों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली के उपकरणों, धातु की वस्तुओं और पानी से दूर रहने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में जहरीले और विषहीन सांपों की पहचान, सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक उपचार और उचित प्रबंधन के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया। डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद और अनिल कुमार सिंह ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) तथा फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।
इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) रांची के प्रशिक्षुओं सहित कुल 84 लोको पायलट प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया, जबकि एमडीडीटीआई में कैरेज, ऑपरेटिंग और लोको शेड सहित विभिन्न विभागों के 65 रेलकर्मियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
एमडीडीटीआई के प्राचार्य पी. रवि किरण ने मौसम के अनुरूप उपयोगी विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर सेफ्टी काउंसलर कृष्ण मोहन प्रसाद ने सभी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

