जमशेदपुर। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में मंगलवार को वन महोत्सव 2026 का समापन पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संदेश के साथ किया गया। सप्ताहभर चले इस आयोजन के अंतिम दिन ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम पर विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को अपनी मां के नाम एक पौधा समर्पित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के तहत चिड़ियाघर परिसर में वन्य प्रजाति के फलदार पौधे लगाए गए, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलने के साथ वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक खाद्य संसाधन भी विकसित हो सकें। इस कार्यक्रम में जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी के 90 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के कर्मचारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
इस अवसर पर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के निदेशक डॉ. नईम अख्तर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वन महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधरोपण और वनों का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने, जैव विविधता को सुरक्षित रखने, वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. अख्तर ने छात्रों से अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के दूत बनने और हरित अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने पौधों की देखभाल और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया। इस पहल की छात्रों, कर्मचारियों और आयोजकों ने सराहना करते हुए इसे पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क समय-समय पर इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देता रहा है। संस्थान का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित कर एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में सहभागी बनाना है।

