जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन को आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की महत्वाकांक्षी योजना अब धरातल पर तेजी से आगे बढ़ने लगी है। दक्षिण पूर्व रेलवे की करीब 348 करोड़ रुपये की स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन परिसर का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। इसी क्रम में मंगलवार को 132 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण की दिशा में मिट्टी की जांच और सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही स्टेशन के पोर्टिको क्षेत्र में नए प्लेटफॉर्म के निर्माण की संभावनाओं को लेकर मैपिंग भी की गई। इन गतिविधियों को स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के अगले चरण की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद टाटानगर स्टेशन का वर्तमान स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। यात्रियों की बढ़ती संख्या, भविष्य की रेल यातायात जरूरतों और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी है। रेलवे की मंशा इसे केवल रेल यात्रियों के आवागमन का केंद्र नहीं, बल्कि जमशेदपुर के एक आधुनिक परिवहन और व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की है।
पुरानी सड़क हटाना निर्माण की सबसे बड़ी चुनौती
पुनर्विकास परियोजना को गति देने में जुगसलाई-खासमहाल की पुरानी सड़क सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। स्टेशन परिसर में प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए इस सड़क को बंद करना जरूरी है। इसके विकल्प के रूप में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। चक्रधरपुर रेल मंडल की योजना दिसंबर तक इस वैकल्पिक सड़क को तैयार करने की है। सड़क तैयार होने के बाद यातायात को नए मार्ग पर स्थानांतरित किया जा सकेगा और स्टेशन परिसर में प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही स्टेशन परिसर में नई पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा रही है। वाहनों को नई पार्किंग में स्थानांतरित करने के बाद मौजूदा पार्किंग क्षेत्र को भी निर्माण कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य निर्माण के दौरान यातायात और यात्रियों की आवाजाही को यथासंभव व्यवस्थित बनाए रखना है।
दोनों प्रवेश द्वारों पर बनेंगे बहुमंजिला भवन
योजना के अनुसार टाटानगर स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों का स्वरूप बदला जाएगा। यहां तीन और छह मंजिला आधुनिक भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इन भवनों में यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्टेशन के मौजूदा पांच प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर नौ करने की योजना है। इससे भविष्य में अधिक ट्रेनों के परिचालन और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ट्रैक के ऊपर आधुनिक प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। इसमें यात्रियों के बैठने और ट्रेनों के इंतजार की बेहतर व्यवस्था होगी। इससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम करने के साथ यात्रियों को अधिक आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराने की योजना है।
स्टेशन परिसर में मॉल और ब्रांडेड स्टोर की सुविधा
टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास की खास बात यह है कि इसमें यात्री सुविधाओं के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी जगह दी जाएगी। प्रस्तावित योजना में ब्रांडेड स्टोर, मॉल और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य स्टेशन को ऐसा आधुनिक परिसर बनाना है, जहां रेल यात्रा के अलावा खरीदारी, बैठक और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध हों।
एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होने वाली इस व्यवस्था से यात्रियों को एक ही परिसर में कई तरह की सुविधाएं मिल सकेंगी। स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों को भी आधुनिक यात्री प्रबंधन व्यवस्था के अनुरूप विकसित करने की योजना है।
प्रतिदिन 40 हजार यात्रियों की आवाजाही
वर्तमान में टाटानगर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 35 से 40 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। कोल्हान के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न हिस्सों के यात्रियों के लिए भी यह स्टेशन महत्वपूर्ण रेल केंद्र है। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर की बढ़ती आबादी, व्यावसायिक गतिविधियों और भविष्य में रेल यातायात के विस्तार को देखते हुए पुनर्विकास योजना तैयार की गई है।
रेलवे इस परियोजना को अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित करना चाहता है। सिग्नेचर ब्रिज का सर्वे, पोर्टिको की मैपिंग, वैकल्पिक सड़क और नई पार्किंग का निर्माण इसी व्यापक योजना के अहम हिस्से हैं। परियोजना के सभी चरण पूरे होने के बाद टाटानगर स्टेशन आधुनिक वास्तुशिल्प, बेहतर यात्री सुविधाओं, विस्तारित प्लेटफॉर्म और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था के साथ एक नए स्वरूप में नजर आएगा। इससे न केवल रेल यात्रियों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि जमशेदपुर की शहरी आधारभूत संरचना और पहचान को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है।

