जमशेदपुर। परसुडीह थाना क्षेत्र के उत्तर-पूर्वी गदड़ा पंचायत की बस्तियों में पिछले दो-तीन महीनों से आतंक का पर्याय बना हत्यारा सांढ़ आखिरकार रविवार को पकड़ लिया गया। शुक्रवार को इसी सांढ़ के हमले में 65 वर्षीय रांदाय हेंब्रम की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश के साथ-साथ दहशत का माहौल था। सांढ़ को पकड़ने के लिए ग्रामीण लगातार मांग कर रहे थे। आखिरकार पशुपालन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कई घंटे तक अभियान चलाकर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
पकड़े जाने के बाद सांढ़ को घाघीडीह के कलियाडीह स्थित गौशाला में सुरक्षित पहुंचा दिया गया। इसके साथ ही पिछले कई महीनों से उसकी दहशत झेल रहे गदड़ा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों पंचायत समिति सदस्य सोमबारी पात्रो, पूर्व मुखिया बिरजू पात्रो और पूर्व पंचायत समिति सदस्य विश्वजीत भगत ने बताया कि यह सांढ़ पिछले दो-तीन महीनों से पंचायत की अलग-अलग बस्तियों में घूमकर लोगों पर हमला कर रहा था। अब तक उसके हमले में 10 से अधिक लोग घायल हो चुके थे। ग्रामीणों को हमेशा डर बना रहता था कि कहीं सांढ़ किसी की जान न ले ले।
शुक्रवार को उनकी आशंका सच साबित हुई। गदड़ा पंचायत के बीच टोला में 65 वर्षीय रांदाय हेंब्रम अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान सांढ़ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उसने सींगों से मारकर महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद पशुपालन विभाग की टीम रविवार को गदड़ा पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से सांढ़ की तलाश शुरू की गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद उसे पकड़कर गौशाला पहुंचाया गया। अभियान में जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, दुबराज नाग, ग्राम प्रधान सुखलाल हेंब्रम समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल रहे।

