जमशेदपुर। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने घुसपैठियों और मतदाता सूची की निष्पक्षता के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार पोस्टर जारी कर कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अफगानी घुसपैठियों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली कांग्रेस अब संवैधानिक संस्थाओं को भी राजनीतिक अखाड़ा बनाने पर उतारू है।
भाजपा ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए सवाल किया कि कांग्रेस को देश की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था की चिंता है या फिर वह केवल अपना राजनीतिक प्रोपेगेंडा फैलाने में जुटी है। पार्टी का कहना है कि देश की सुरक्षा, सीमाओं की निगरानी और मतदाता सूची की शुद्धता जैसे मुद्दों को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
भाजपा ने कांग्रेस के विरोध को घुसपैठ और मतदाता पहचान से जुड़े सवालों के साथ जोड़ते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीति में वोट बैंक का हित राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर रखा जा रहा है। हालांकि, घुसपैठियों की पहचान और मतदाता सूची में किसी व्यक्ति की पात्रता का निर्धारण संबंधित कानूनों और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया जाना जरूरी है। किसी समुदाय या समूह के खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोपों को जांच के बिना प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि इस प्रक्रिया में बीएलओ, बीडीओ, एसडीएम और उपायुक्त जैसे अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस से एसआईआर को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की थी।
वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण तथा चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं। ऐसे में घुसपैठ, मतदाता सूची की शुद्धता और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका अब केवल प्रशासनिक विषय नहीं रह गए हैं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बीच व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं।
भाजपा के ताजा पोस्टर अभियान को इसी राजनीतिक संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने राहुल गांधी और इरफान अंसारी को निशाने पर लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तथा निष्पक्ष चुनाव के सवालों को प्रमुखता दी है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और दोनों दलों के बीच आगे होने वाला राजनीतिक वार-पलटवार महत्वपूर्ण होगा।

