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Wed. Sep 23rd, 2026

*11वें आयुर्वेद दिवस पर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश, आयुष सेवाओं में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को किया गया सम्मानित*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई है।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरी की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद आयुर्वेद दिवस के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुब्बारे उड़ाए गए। कार्यक्रम स्थल पर आयुर्वेद की थीम पर रंगोली भी बनाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. मीणा कल्णुडिया, जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. एन.के. चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हंसदा सहित सभी आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, योग मित्र और संबंधित स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

इस दौरान ग्रामीण वैद्य, आयुष योग मित्र और आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किए गए बेहतर कार्य के लिए मोमेंटो, औषधीय पौधे और शॉल देकर सम्मानित किया गया। उपायुक्त, उप विकास आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने आयुष विभाग के कर्मियों, पदाधिकारियों और योग मित्रों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया। आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और आयुष चिकित्सा सेवाओं से लोगों को मिल रहे लाभ से संबंधित सक्सेस स्टोरी भी साझा की।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आयुर्वेद हमारी पारंपरिक चिकित्सा विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य पर जोर देता है। उन्होंने कहा कि ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ की थीम लोगों को दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और उपलब्ध आयुष सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आयुष विभाग के कर्मियों तथा योग मित्रों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की समग्र पद्धति है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष सेवाओं को पहुंचाने और लोगों को योग, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने में आयुष कर्मियों और योग मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. मीणा कल्णुडिया, जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. एन.के. चौधरी और सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हंसदा ने आयुर्वेद दिवस के महत्व और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की जानकारी दी। वक्ताओं ने नियमित योग, संतुलित आहार, प्राकृतिक जीवनशैली और आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया।

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